किंदा को पुलिस ने घर से दबोचा, जेल भेजा
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शुक्रवार को कोतवाली में पत्रकार वार्ता में एसएसपी सेंथिल अबुदई ने बताया कि बैलपड़ाव चौकी इंचार्ज जसविंदर सिंह एवं एसओजी टीम ने बृहस्पतिवार रात करीब 11:30 बजे कुलविंदर सिंह किंदा को उसके घर बन्नाखेड़ा (बाजपुर) से गिरफ्तार किया। प्रशिक्षु आईएफएस कल्याणी और वनकर्मियों पर हमले के मामले में पुलिस पहले ही रणजीत सिंह, सरजीत सिंह उर्फ सीता, सतवंत सिंह और सरजीत सिंह उर्फ लाली को गिरफ्तार कर चुकी है। प्रकरण में नागेंदर सिंह, सतनाम सिंह, परविंदर सिंह, सुखवंत सिंह निवासी बैैतखेड़ी, बाजपुर के नाम भी प्रकाश में आए हैं, उन्हें भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह था मामला
बीते माह 29 अप्रैल को तराई पश्चिमी वन प्रभाग के बैलपड़ाव रेंज अंतर्गत दाबका नदी के बैंतखेड़ी में अवैध खनन की सूचना मिलने पर प्रशिक्षु आईएफएस कल्याणी वनकर्मियों के साथ कोसी नदी पहुंची। वहां 6-7 लोग जेसीबी, टैक्टर-ट्राली से अवैध खनन कर रहे थे। कई लोग मौके से भाग निकले जबकि बाजपुर निवासी जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह किंदा सहित करीब 50 लोग मुंह में कपड़ा बांधकर मौके पर पहुंचे और प्रशिक्षु आईएफएस के वाहन को घेर लिया। इन लोगों ने टीम पर हमला करने के साथ ही सरकारी कार्य में बाधा भी पहुंचाई। मामले में एक अप्रैल को प्रशिक्षु आईएफएस कल्याणी ने बैलपड़ाव पुलिस चौकी में किंदा समेत 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
किंदा पर लग सकता है गुंडा एक्ट
एसएसपी सेंथिल अबुदई ने बताया कि प्रशिक्षु आईएफएस कल्याणी पर हमला करने वाले जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह किंदा पर गुंडा एक्ट लगाया जा सकता है। इसके लिए उसका आपराधिक रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
प्रेस लिखी बाइक का इस्तेमाल कर रहे मुखबिर
एसएसपी ने बताया कि नदियों में अवैध खनन करने वालों का जाल बहुत बड़ा है। पुलिस, प्रशासन की टीम जब भी अवैध खनन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाती है तो हर जगह फैले उनके मुखबिर माफिया को फोन कर पहले ही सूचित कर देते हैं। कई बार यह मुखबिर प्रेस लिखी बाइकों का इस्तेमाल करते हैं ताकि पुलिस टीम इन्हें मीडिया का आदमी समझकर उन पर शक न करे। एसएसपी ने बताया कि जल्द ही प्रेस लिखी बाइकों की जांच की जाएगी और फर्जी लोगों की धरपकड़ करते हुए उन पर धारा 420 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
किंदा की गिरफ्तारी के लिए कई संगठनों ने किया प्रदर्शन
कर्मचारी शिक्षक संगठन ने किंदा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा था। अन्य संगठन भी इस मामले में सरकार पर खनन माफिया की कठपुतली होने का आरोप लगाते हुए सरकार पर आरोप लगा रहे थे। चौतरफा दबाव के बीच पुलिस ने मामले में चार नामजदों बाजपुर निवासी सरजीत, सतवंत, रणजीत और सुरजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। अब बृहस्पतिवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी किंदा को गिरफ्तार कर लिया गया।
इनसेट
किंदा कभी कांग्रेस में रहे ही नहीं : उपाध्याय
पार्टी से निकाले जाने की घोषणा के बाद अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का कहना है कि किंदा कभी कांग्रेस में रहे ही नहीं। कहा कि ऊधमसिंह नगर के जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट से बात हुई थी साथ ही पार्टी का रिकार्ड भी खंगाला गया, मगर किंदा तो पार्टी के प्राथमिक सदस्य भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों के लिए पार्टी के दरवाजे बंद हैं। उनको पार्टी में कोई स्थान नहीं दिया जा सकता। किंदा के बहाने सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में अगर कुछ अवैध हो रहा है तो उसे रोकना न सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी है बल्कि उसका दायित्व और कर्तव्य भी है।
किंदा के भाजपा में भी कदरदान
रामनगर। बन्नाखेड़ा (बाजपुर) निवासी कुलविंदर सिंह किंदा के भाजपा में भी कदरदान हैं। जिला पंचायत सदस्य किंदा की पत्नी मंजीत कौर 2004 में जिला पंचायत सदस्य बनीं। उसके बाद से किंदा ने राजनीतिक पारी की शुरुआत की। बताते हैं कि भाजपा में रहने के दौरान किंदा के बड़े नेताओं से नजदीकी रिश्ते रहे।
पूर्व सांसद बलराज पासी और विधायक अरविंद पांडे के भी बेहद करीबी रहे हैं। 2009 में किंदा ने बीडीसी का चुनाव लड़ा और जीतने के बाद विधायक पांडे की सहमति से ज्येष्ठ उप प्रमुख बने। हालांकि, बाद में रिश्ते में कुछ कड़वाहट आने पर दोनों से दूरियां बढ़ गईं। जिला पंचायत भीकमपुर क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य का भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर किंदा ने भाजपा छोड़ दी और कांग्रेस का दामन थाम लिया।
कांग्रेस समर्थित के रूप में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा। जीतने के बाद कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्या और दर्जा मंत्री हरेंद्र सिंह लाडी के नजदीक होने के कारण किंदा को जिला निर्माण समिति का सदस्य बनाया गया। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस में होने के बावजूद 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी भगत सिंह कोश्यारी की अंदर खाने मदद भी की थी।