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भातखंडे विवि के दीक्षांत समारोह में नैनीताल की मनीषा ने जीते छह स्वर्ण पदक
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नैनीताल की मनीषा तिवारी कत्थक में गोल्ड मेडल दिखाती हुई।
- फोटो : NAINITAL
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नैनीताल। शहर के तल्लीताल क्षेत्र निवासी मनीषा तिवारी ने लखनऊ स्थित भातखंडे विवि में आयोजित 11वें दीक्षांत समारोह में कथक में छह स्वर्ण पदक प्राप्त कर परिवार और शहर का नाम रोशन किया है।
लखनऊ से लौटने के बाद मनीषा ने बताया कि उन्हें बचपन से ही कथक का शौक था, जब वह आठ साल की थी तभी से वह कथक सीखने लगी थी। मनीषा ने सुप्रिता शाह के मार्गदर्शन में 2016 में नैनीताल से प्रभाकर की उपाधि प्राप्त की।
इसके बाद लखनऊ स्थित भातखंडे संगीत विवि (कत्थक) से 2019 में प्रथम स्थान प्राप्त कर ग्रेजुएशन (बीपीए) किया। इस साल उन्होंने संगीत में ही परास्नातक की उपाधि प्राप्त की है।
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मनीषा ने बताया कि उन्होंने डॉ. वीणा सिंह के मार्गदर्शन में पांच साल लखनऊ में कथक सीखा। मनीषा ने इस उपलब्धि का श्रेय माता पिता और गुरुजनों को दिया।
उन्होंने सहयोगी मेघा उप्रेती को भी धन्यवाद किया है। मनीषा के पिता दिनेश चंद्र तिवारी हैं जो पूजा पाठ कराते हैं जबकि माता लीला तिवारी गृहिणी हैं। मनीषा की एक बहन पूनम और एक भाई कुणाल है।
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लखनऊ से लौटने के बाद मनीषा ने बताया कि उन्हें बचपन से ही कथक का शौक था, जब वह आठ साल की थी तभी से वह कथक सीखने लगी थी। मनीषा ने सुप्रिता शाह के मार्गदर्शन में 2016 में नैनीताल से प्रभाकर की उपाधि प्राप्त की।
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इसके बाद लखनऊ स्थित भातखंडे संगीत विवि (कत्थक) से 2019 में प्रथम स्थान प्राप्त कर ग्रेजुएशन (बीपीए) किया। इस साल उन्होंने संगीत में ही परास्नातक की उपाधि प्राप्त की है।
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मनीषा ने बताया कि उन्होंने डॉ. वीणा सिंह के मार्गदर्शन में पांच साल लखनऊ में कथक सीखा। मनीषा ने इस उपलब्धि का श्रेय माता पिता और गुरुजनों को दिया।
उन्होंने सहयोगी मेघा उप्रेती को भी धन्यवाद किया है। मनीषा के पिता दिनेश चंद्र तिवारी हैं जो पूजा पाठ कराते हैं जबकि माता लीला तिवारी गृहिणी हैं। मनीषा की एक बहन पूनम और एक भाई कुणाल है।