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कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली मनाई गई
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हल्द्वानी। देव दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा शुक्रवार को उल्लास के साथ मनाई गई। श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में स्नान किया और व्रत रखकर भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा की।
रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया और शीतला माता मंदिर में पूजा अर्चना की। पूर्व बीडीसी सदस्य महेश भंडारी ने बताया कि अन्य सालों की अपेक्षा भीड़ नहीं दिखाई दी। आठ से 10 उपनयन संस्कार भी हुए। देव दीपावली के दिन सायं सायंकाल में लोगों ने दीपदान किया और गरीबों को दान भी दिया।
वर्ष का अंतिम चंद्रग्रहण
पूर्णमासी के दिन वर्ष का अंतिम चंद्रग्रहण भी लगा। इसे सदी का सबसे लंबा ग्रहण माना जा रहा है, जो लगभग 589 वर्षों बाद संयोग बना है। ज्योतिष डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि चंद्रग्रहण की दृश्यता संपूर्ण भारत में न होने के कारण इसका सूतक लागू नहीं लगा। ग्रहण सुबह 11 बजकर 34 मिनट पर शुरू हुआ और शाम पांच बजकर 34 मिनट तक रहा।
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रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया और शीतला माता मंदिर में पूजा अर्चना की। पूर्व बीडीसी सदस्य महेश भंडारी ने बताया कि अन्य सालों की अपेक्षा भीड़ नहीं दिखाई दी। आठ से 10 उपनयन संस्कार भी हुए। देव दीपावली के दिन सायं सायंकाल में लोगों ने दीपदान किया और गरीबों को दान भी दिया।
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वर्ष का अंतिम चंद्रग्रहण
पूर्णमासी के दिन वर्ष का अंतिम चंद्रग्रहण भी लगा। इसे सदी का सबसे लंबा ग्रहण माना जा रहा है, जो लगभग 589 वर्षों बाद संयोग बना है। ज्योतिष डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि चंद्रग्रहण की दृश्यता संपूर्ण भारत में न होने के कारण इसका सूतक लागू नहीं लगा। ग्रहण सुबह 11 बजकर 34 मिनट पर शुरू हुआ और शाम पांच बजकर 34 मिनट तक रहा।
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