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कमलताल के लाल सुर्ख पानी ने बदला रंग 

Mon, 18 Dec 2017 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो भीमताल (नैनीताल)। 
अमर उजाला ब्यूरो भीमताल (नैनीताल)।  Updated Mon, 18 Dec 2017 01:34 AM IST
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kamaltaal water changed to red
कुछ इस तरह से लाल नजर आ रहा है नौकुचियाताल स्थित कमलताल झील का पानी - फोटो : Amar ujala
नौकुचियाताल स्थित कमलताल के पानी का रंग पिछले कुछ दिनों से सुर्ख लाल दिख रहा है, जिसे लेकर क्षेत्र के पर्यटन व्यवसायी चिंतित हैं। झील के पानी का रंग बदलने के बाद से लोगों को इस ताल के अस्तित्व की चिंता सता रही है। आरोप है कि कई बार सूचना देने के बाद भी सिंचाई विभाग ने ताल के पानी की जांच नहीं कराई।
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इसके खिलाफ पर्यटन व्यवसायियों ने सिंचाई विभाग के दफ्तर में तालाबंदी की चेतावनी दी है। कमलताल नौकुचियाताल झील के पास ही है, जिसमें गर्मियों में गुलाबी रंग के कमल खिलते हैं। यह सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहते हैं। इस ताल से ही क्षेत्र के कई गांवों को सिंचाई के लिए भी पानी की आपूर्ति की जाती है।
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विभाग ने दो साल से ताल की सफाई भी नहीं कराई है। इसलिए स्थानीय युवा श्रमदान से इसकी सफाई करते हैं। आमतौर पर ताल का पानी मटमैला रहता है लेकिन एक पखवाड़े से ताल का पानी रंग बदल रहा है। रविवार को झील का पानी सुर्ख लाल हो गया। ज्येष्ठ उपप्रमुख अनिल चनौतिया ने बताया कि बीडीसी बैठक में इसकी सूचना देने के बावजूद विभागीय अधिकारी मौन हैं।
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क्षेत्र के नौकाचालकों, होटल, पर्यटन व्यवसायियों ने जिला प्रशासन, विभागीय अधिकारियों से ताल का अस्तित्व बचाने की मांग की है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।

फसलें भी प्रभावित होने लगी
नलकूप खंड हल्द्वानी नौकुचियाताल क्षेत्र के कई गांवों में सिंचाई के लिए कमलताल का पानी लिफ्ट करता है। किसानों ने बताया कि जब से झील के पानी का रंग बदला, तभी से खेतों में खड़ी फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। सिंचाई के बावजूद फसलें समय से पहले सूखने, मुरझाने लगी हैं।


पानी का रंग बदलने की सूचना मिलने के बाद विभाग की नजर कमलताल पर है। पिछले काफी समय से इस ताल से पानी की आपूर्ति नहर से नहीं की गई है। हो सकता है कि इसी के कारण झील के पानी का रंग बदल रहा हो। पूर्व में भी कई बार ताल के पानी का परीक्षण जल संस्थान की नैनीताल स्थित प्रयोगशाला में कराया गया है। शीघ्र ही इस पानी की जांच प्रयोगशाला में कराई जाएगी और प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी। 
- डीसी पंत 
एई, तराई सिंचाई खंड नैनीताल।
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