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कैलास यात्रियों का तीसरा दल दिल्ली लौटा
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी।
Updated Sun, 12 Jul 2015 01:27 AM IST
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कैलास मानसरोवर यात्रियों का तीसरा दल शनिवार को परिक्रमा कर वापस दिल्ली लौट गया है। कुमाऊं मंडल विकास निगम के काठगोदाम स्थित पर्यटक आवास गृह में यात्रियों को यात्रा पूरी करने का प्रमाण पत्र सौंपा गया।
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कैलास दर्शन कर लौटे यात्रियों में गजब का उत्साह देखा गया। यात्रा पूरी कर लौटे यात्रियों का कहना था कि हालांकि यात्रा कठिन है मगर कैलास दर्शन करने के बाद उनका मन है कि वह बार-बार उनके दर्शनों को आएं।
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काठगोदाम स्थित पर्यटक आवास गृह में कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने यात्रियों को प्रमाण पत्र और प्रतीक चिन्ह भेंट किया।
उन्होंने सफलता पूर्वक कैलास यात्रा करने पर यात्रियों को बधाई दी और केेएमवीएन की ओर से हुई किसी भी तरह की असुविधा के लिए उनसे क्षमा प्रार्थना की।
यात्रियों ने केएमवीएन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें पारिवारिक माहौल मिला। इस मौके पर प्रबंधक रमेश चंद्र पांडे मौजूद थे।
हरियाणा की कविता गुलेरिया का कहना था कि उन्होंने पहली बार कैलास यात्रा के लिए आवेदन किया और बाबा ने उन्हें अपने दर्शनों के लिए बुला लिया।
उन्होंने कहा कि कुमाऊं मंडल विकास निगम और आईटीबीपी की बेहतर व्यवस्थाओं की बदौलत उन्हें भारतीय क्षेत्र में किसी तरह की दिक्कतें नहीं हुईं लेकिन चाइना में गाइड और अन्य लोगों का व्यवहार एकदम रूखा है।
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मुंबई निवासी कृपा पंचाल का कहना था कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बनाए गए पड़ावों में भीतर घुटन होती है। दरवाजे, खिड़कियां सब बंद रखनी पड़ती हैं और भीतर हवा बंद होने से घुटन होती है।
इससे बचने के उपाय केएमवीएन को करने चाहिए। केएमवीएन और आईटीबीपी की व्यवस्थाओं की उन्होंने जमकर तारीफ की।
राजस्थान की चेतना शर्मा का कहना था कि वह लोग मार्ग में फंस गए थे। बारिश के कारण गुंजी से आगे बढ़ना मुश्किल हो रहा था। सभी यात्रियों के पास पीने को पानी भी नहीं था। करीब 22 घंटे तक बर्फ का सहारा लेकर उन्होंने प्यास बुझाई।