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डॉक्टर के बेटे को हॉस्टल में रखने पर भड़के जूनियर डॉक्टर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 26 Mar 2020 11:03 PM IST
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Junior doctor agrees to keep the doctor's son in a hostel
हल्द्वानी। बाहर से लौटे लोगों के लिए कोरोना को लेकर होम क्वारंटीन, आइसोलेशन और स्क्रीनिंग समेत अन्य एडवाइजरी जारी हो रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर ने एडवाइजरी को दरकिनार करते हुए बाहर से लौटे अपने बेटे को हॉस्टल के एक कमरे में रख दिया। जूनियर डॉक्टरों ने इस पर हंगामा कर प्राचार्य का घेराव कर बाहर से लौटे डॉक्टर के बेटे की जांच कराने के साथ ही अस्पताल भेजने की बात कही।
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मेडिकल कॉलेज में बृहस्पतिवार सुबह तब अफरातफरी मच गई, जब हॉस्टल में रहने वाले अन्य जूनियर डॉक्टरों को पता चला कि एक डॉक्टर ने बाहर से लौटे अपने बेटे को हॉस्टल में रख दिया है। सभी जूनियर डॉक्टरों ने प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा से डॉक्टर के बेटे को हॉस्टल में रखने का विरोध किया। कहा कि अन्य डॉक्टर भी उसी हॉस्टल में रहते हैं।
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डाक्टर के बेटे की जांच होनी चाहिए और उसे या तो होम क्वारंटीन में रखा जाए या फिर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा जाए। इसके बाद प्राचार्य ने संबंधित डॉक्टर को बुलाया और बेटे को अपने साथ घर पर ही रखने का फरमान सुना दिया।
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डॉक्टर का बेटा नोएडा से लौटकर आया था। उसके पति समेत अन्य रिश्तेदार भी आए हैं। बेटे को ऑफिस का काम करने के लिए एकांत चाहिए था इसलिए अपने ही विभाग के एसआर (सीनियर रेजीडेंट) के खाली पड़े कक्ष में रख दिया था। जूनियर डॉक्टरों की आपत्ति पर उसे घर भेज दिया गया। डॉक्टर का बेटा स्वस्थ है।
- डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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