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Haldwani: चीड़ की छाल से बनाई जीवंत कलाकृतियों ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान, पीएम ने जोशी की प्रतिभा को बयां किया

Mon, 26 May 2025 02:38 PM IST
हीरा मेहरा राघवेन्द्र शुक्ला, अमर उजाला
राघवेन्द्र शुक्ला, अमर उजाला Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 26 May 2025 02:38 PM IST
सार

उत्तराखंड की कला, संस्कृति और देव भूमि की आत्मा को अपनी कला कृतियों में समेटने वाले जीवन चंद्र ने अपनी कला के जरिये चीड़ की छाल को भी जीवंत कर दिया। मन की बात में पीएम मोदी ने हल्द्वानी के जीवन चंद्र जोशी की प्रतिभा को बयां किया।

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Jeevan Chandra Joshi got national recognition for his vibrant artworks made from pine bark
अपनी बहनों के साथ जीवन जोशी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नियति ने कठघरिया के रहने वाले जीवन चंद्र जोशी (65) के कदम धरती पर रोके, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति से वह आज आसमान की बुलंदियों पर हैं। उत्तराखंड की कला, संस्कृति और देव भूमि की आत्मा को अपनी कला कृतियों में समेटने वाले जीवन चंद्र ने अपनी कला के जरिये चीड़ की छाल को भी जीवंत कर दिया। जब पीएम नरेंद्र मोदी ने सराहना की और सीएम पुष्कर सिंह धामी ने फोन किया तो एक कमरे में कई सालों तक अपनी प्रतिभा को दिखाने वाले जीवन चंद्र की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ा दी।

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अल्मोड़ा जनपद के तल्ला जाखन देवी के रहने वाले सिंचाई विभाग के इंजीनियर मोहन जोशी के घर में जीवन चंद्र जोशी का जन्म हुआ। नियति ने जीवन जोशी के कदम को थाम दिया। दोनों पैर में पोलियो हुआ तो पढ़ाई भी केवल कक्षा दस तक ही हो पाई। इंजीनियर पिता ने बेटे का हर कदम पर साथ दिया। अल्मोड़ा के पहाड़ों पर चीड़ मिली तो इसके छाल से बनाई कलाकृतियों ने जीवन चंद्र के जीवन को नई राह दिखाई। हल्द्वानी शहर के कठघरिया आए तो बचपन में पिता से मिली चीड़ के छाल से कलाकृतियां बनाने की सीख को उन्होंने नई तकनीक के साथ अपने भविष्य की राह से जोड़ लिया। जीवन चंद्र जोशी कहते हैं कि इस क्रिएटिव काम को पिता से सीखा।
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हल्द्वानी शहर में भी इस काम से जुड़े लोगों से काफी कुछ सीखा। बीते दो से ढाई दशक के बीच चीड़ के छाल से विभिन्न सामान बनाने शुरू कर दिए। करीब पांच साल पहले से पहाड़ों पर बनने वाले मकान की कलाकृति, चीड़ के जंगल की कलाकृति, मंदिर और ऐसे ही न जाने कितने कलाकृतियों की रचना छाल से कर दी। स्थानीय स्तर पर सामान बिका तो जीवन चंद्र ने कोलकाता, भोपाल, चेन्नई तक के एक्सपो में भाग लिया। पिछले साल लखनऊ के एक्सपो में गए तो सबकी नजर में आ गए। आर्डर भी खूब मिले।
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सीएम ने किया फोन बोले-पूरी मदद होगी
जीवन चंद्र जोशी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कॉल उनके फोन पर आई और काफी देर बात की। उत्साहवर्द्धन किया। कहा कि इस कला को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पूरी मदद करेंगे। कई दशक की तपस्या आज सार्थक हो गई।

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