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जमरानी: यूपी और उत्तराखंड के 1052 गांवों में होगी जलापूर्ति

Sat, 28 Oct 2023 01:50 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Sat, 28 Oct 2023 01:50 AM IST
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Jamrani: There will be water supply in 1052 villages of UP and Uttarakhand.
प्रतीकात्मक।
हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना का मुख्य मकसद यूपी और उत्तराखंड में सिंचाई के लिए जलापूर्ति सुनिश्चित करना है। 208 मिलियन क्यूबिक मीटर क्षमता वाले जमरानी बांध से उत्तरप्रदेश की सिंचाई के लिए 61 मिलियन क्यूबिक मीटर और उत्तराखंड की सिंचाई के लिए 38.6 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिलेगा। इससे दोनों राज्यों के 1052 गांवों के 69189 भूमिधारक किसान लाभान्वित होंगे।
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जमरानी बांध बनने से भाबर (नैनीताल) में 23950 हेक्टेयर, तराई (उधमसिंह नगर) में 37895 हेक्टेयर और यूपी के बरेली और रामपुर जिले में 233537 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी। परियोजना के तहत 57065 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई हो सकेगी। बांध बनने से दोनों राज्यों के कृषि योग्य कमांड एरिया में वार्षिक सिंचाई तीव्रता 158.84 प्रतिशत से बढ़कर 196.88 प्रतिशत हो जाएगी। नैनीताल जिले के 196 गांव के 4917 भूमिधारक, ऊधमसिंह नगर जिले के 172 गांव के 3403 भूमिधारक और यूपी के बरेली और रामपुर जिले के 684 गांवों के 60869 भूमिधारक किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
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यूपी सरकार का अंश भी बढ़ेगा

जमरानी बांध परियोजना के निर्माण को लेकर मई 2018 में उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच एमओयू हुआ था। इसके मुताबिक बांध निर्माण में यूपी सरकार का अंश 600 करोड़ निर्धारित किया गया था। तब बांध की प्रस्तावित लागत 2548 करोड़ थी जो महंगाई दर बढ़ने से वर्तमान में 3756.44 करोड़ पहुंच गई है। परियोजना की लागत बढ़ने से यूपी सरकार का अंश भी बढ़ेगा।
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बांध से संबंधित जरूरी कार्रवाई गतिमान

बांध निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया गतिमान है। राज्य सरकार ने परियोजना की संसोधित लागत का अनुमोदन जल संसाधन मंत्रालय को भेजा है। संसोधित लागत का प्रस्ताव व्यय वित्त समिति (ईएफसी) के पास पहुंचा है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से एनओसी की कार्रवाई चल रही है। तराई और चैकफ्री फीडर के लिए 17.72 हेक्टेयर वनभूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया गतिमान है।




जमरानी बांध परियोजना बनने से नैनीताल और ऊधमसिंहनगर जिले के साथ ही यूपी के बरेली जिले की दो तहसीलों और रामपुर जिले की चार तहसीलों में सिंचाई के लिए जलापूर्ति होगी।

प्रशांत विश्नोई, महाप्रबंधक, जमरानी
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