{"_id":"5fc2a8cd8ebc3e9bd50633e6","slug":"izatnagar-division-of-railways-gets-revenue-of-18-lakh-rupees-lalkuan-news-hld405543265","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे के इज्जतनगर मंडल को मिला 18 लाख रुपये का राजस्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे के इज्जतनगर मंडल को मिला 18 लाख रुपये का राजस्व
विज्ञापन
यार्ड में खड़ी स्लीपर वेगन।
- फोटो : LALKUAN
लालकुआं (नैनीताल)। कोरोनाकाल में ट्रेनों का संचालन बंद होने के बाद से रेलवे विभाग की आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। इस प्रभाव को कम करने के लिए इज्जतनगर मंडल ने माल गाड़ियों का सहारा लिया है। इज्जतनगर मंडल ने एक निजी कंपनी का माल रेलवे के अन्य मंडल को भेजा जिससे उसे 18 लाख रुपये का राजस्व मिला।
मंडल के पब्लिक रिलेशन ऑफसिर (पीआरओ) राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल की व्यवसाय विकास यूनिट के प्रयासों से लालकुआं से ट्रांसपोर्टर ने 2784 टन प्रीस्ट्रेस्ड कांक्रीट स्लीपर मालगाड़ी के माध्यम से डीएफएसबी, अंबाला मंडल, उत्तर रेलवे को भेजा है। इससे मंडल को 18 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। बता दें कि रेलवे एक मंडल से दूसरे मंडल तक सामान पहुंचाता है। हालांकि यह सामान रेलवे का ही होता है। जो सामान विभाग निजी कंपनियों से लेता है उसको पहुंचाने का काम निजी कंपनी ट्रांसपोर्टर के जरिये करती है।
ट्रांसपोर्टर अपने ट्रक आदि से रेलवे के मंडलों तक सामान पहुंचा देता है लेकिन यही सामान यदि ट्रांसपोर्टर मालगाड़ी के माध्यम से पहुंचाना चाहे तो उसे विभाग को इसका शुल्क देना पड़ता है। उधर, मंडल रेल प्रबंधक आशुतोष पंत ने बताया कि ट्रेनों और मालगाड़ियों को संचालन के दौरान कोहरे से होने वाली परेशानियों से निपटने के लिए फॉग सेफ डिवाइस उपलब्ध करा दिए गए हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
मंडल के पब्लिक रिलेशन ऑफसिर (पीआरओ) राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल की व्यवसाय विकास यूनिट के प्रयासों से लालकुआं से ट्रांसपोर्टर ने 2784 टन प्रीस्ट्रेस्ड कांक्रीट स्लीपर मालगाड़ी के माध्यम से डीएफएसबी, अंबाला मंडल, उत्तर रेलवे को भेजा है। इससे मंडल को 18 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। बता दें कि रेलवे एक मंडल से दूसरे मंडल तक सामान पहुंचाता है। हालांकि यह सामान रेलवे का ही होता है। जो सामान विभाग निजी कंपनियों से लेता है उसको पहुंचाने का काम निजी कंपनी ट्रांसपोर्टर के जरिये करती है।
विज्ञापन
ट्रांसपोर्टर अपने ट्रक आदि से रेलवे के मंडलों तक सामान पहुंचा देता है लेकिन यही सामान यदि ट्रांसपोर्टर मालगाड़ी के माध्यम से पहुंचाना चाहे तो उसे विभाग को इसका शुल्क देना पड़ता है। उधर, मंडल रेल प्रबंधक आशुतोष पंत ने बताया कि ट्रेनों और मालगाड़ियों को संचालन के दौरान कोहरे से होने वाली परेशानियों से निपटने के लिए फॉग सेफ डिवाइस उपलब्ध करा दिए गए हैं। संवाद
विज्ञापन