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Uttarakhand High Court: वृद्धाश्रम मामले में पूर्व के आदेशों का कितना पालन हुआ, सात दिसंबर तक बताएं

Thu, 17 Nov 2022 12:31 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Published by: हल्द्वानी ब्यूरो Updated Thu, 17 Nov 2022 12:31 AM IST
सार

देहरादून की समाधान एनजीओ ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि 2018 में हाईकोर्ट ने सरकार को सभी जिलों में वृद्धाश्रम खोलने व आश्रम में बुजुर्गों के लिए अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।

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Uttarakhand High Court Order to submit answer in old age home case
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने समाधान एनजीओ की ओर से जिलों में वृद्ध आश्रम खोलने और उनमें सुविधाएं उपलब्ध कराने के मामले में सचिव स्वास्थ्य व परिवार कल्याण से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि इस मामले में 2018 के आदेशों का कितना पालन हुआ। इसका जवाब सात दिसंबर तक दाखिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं। 

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मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून की समाधान एनजीओ ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि 2018 में हाईकोर्ट ने सरकार को सभी जिलों में वृद्धाश्रम खोलने व आश्रम में बुजुर्गों के लिए अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
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याचिका में कहा कि चार साल बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए न तो आश्रम खोले और न ही उन्हें कोई सुविधाएं उपलब्ध कराईं। याचिका में कहा कि ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 
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2018 में यह कहा था हाईकोर्ट ने
- प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को सम्मान के साथ जीने का उनका मौलिक अधिकार है। 
-वरिष्ठ नागरिकों के जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति सहित सम्मान और शालीनता की रक्षा करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। 
-कोर्ट ने राज्य सरकार को अधिनियम, 2007 के प्रविधानों को लागू करने की अपेक्षा की थी। हालांकि 15 साल बीत जाने के बाद भी आज तक अधिनियम को पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है। 
-राज्य सरकार छह माह के भीतर उत्तराखंड राज्य के प्रत्येक जिले में वृद्धाश्रम स्थापित करे। जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक सरकार अस्थायी तौर पर निजी आवासों को किराए पर ले सकती है। 

-सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए पौस्टिक भोजन, गर्मी व जाड़े के लिए दो-दो जोड़ी कपड़े, बिजली, पानी, पंखे व आश्रमों की साफ सफाई के लिए पर्याप्त सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति करे। 
-सभी वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य परीक्षण की जांच राज्य सरकार समय-समय पर कराएगी और उसका खर्च सरकार वहन करेगी।
- वरिष्ठ नागरिक अधिनियम 2007 का समय-समय पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। 
-महिला व पुरुष वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग-अलग आश्रम या कक्ष की व्यवस्था की जाए। 
-कोर्ट ने आदेश में दिए गए सभी निर्देशों का पालन करवाने की जिम्मेदारी सचिव स्वास्थ्य व परिवार कल्याण को सौंपी थी।

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