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हटाई गई शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से ज्वाइंनिग देने के निर्देश
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक हरिद्वार के 27 जुलाई 2016 के आदेश को निरस्त करते हुए याचिकाकर्ता को तत्काल प्रभाव से ज्वाइंनिग देने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ के समक्ष रुड़की निवासी अर्चना रानी की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में कहा गया था कि शिक्षा विभाग ने सहायक अध्यापक के पदों को भरने के लिए 2016 में विज्ञप्ति जारी की थी। उसमें याचिकाकर्ता ने भी आवेदन किया और उसका चयन भी हो गया। याचिकाकर्ता ने 22 जुलाई 2016 को जारी नई विज्ञप्ति के आधार पर ब्लाक नारसन में ज्वाइन कर लिया।
जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ने 27 जुलाई 2016 को बिना किसी पूर्व सूचना के यह कहते हुए उसको पद से हटा दिया कि याचिकाकर्ता 2014 की विज्ञप्ति से चयनित अभ्यर्थीं थी और याचिकाकर्ता ने वहां पर ज्वाइन भी किया था। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि उसने जनवरी 2016 में त्यागपत्र दे दिया था और नई विज्ञप्ति 17 फरवरी 2016 को जारी की गई थी लेकिन उसके त्याग पत्र पर नवंबर में निर्णय लेकर निरस्त किया गया था। इसलिए उसे नई विज्ञप्ति के आधार पर नियुक्ति दी जाए।
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पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक हरिद्वार के 27 जुलाई 2016 के आदेश को निरस्त करते हुए याचिकाकर्ता को तत्काल प्रभाव से ज्वाइंनिग देने के निर्देश दिए।
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न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ के समक्ष रुड़की निवासी अर्चना रानी की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में कहा गया था कि शिक्षा विभाग ने सहायक अध्यापक के पदों को भरने के लिए 2016 में विज्ञप्ति जारी की थी। उसमें याचिकाकर्ता ने भी आवेदन किया और उसका चयन भी हो गया। याचिकाकर्ता ने 22 जुलाई 2016 को जारी नई विज्ञप्ति के आधार पर ब्लाक नारसन में ज्वाइन कर लिया।
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जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ने 27 जुलाई 2016 को बिना किसी पूर्व सूचना के यह कहते हुए उसको पद से हटा दिया कि याचिकाकर्ता 2014 की विज्ञप्ति से चयनित अभ्यर्थीं थी और याचिकाकर्ता ने वहां पर ज्वाइन भी किया था। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि उसने जनवरी 2016 में त्यागपत्र दे दिया था और नई विज्ञप्ति 17 फरवरी 2016 को जारी की गई थी लेकिन उसके त्याग पत्र पर नवंबर में निर्णय लेकर निरस्त किया गया था। इसलिए उसे नई विज्ञप्ति के आधार पर नियुक्ति दी जाए।
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पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक हरिद्वार के 27 जुलाई 2016 के आदेश को निरस्त करते हुए याचिकाकर्ता को तत्काल प्रभाव से ज्वाइंनिग देने के निर्देश दिए।