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भारत-नेपाल सूर्य किरण युद्धाभ्यास शुरू
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पिथौरागढ़ सेना छावनी में सूर्य किरण संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान मैत्री द्वार से आते भारत-नेपा?
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। भारत-नेपाल के बीच 15वां सूर्य किरण संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू हो गया है। भव्य उद्घाटन समारोह में दोनों देशों की टुकड़ियों ने भारत-नेपाल की सैन्य धुनों पर सद्भावना मार्च किया। 14 दिन तक चलने वाले संयुक्त युद्धाभ्यास में दोनों देशों के 650 अधिकारी और सैनिक आतंकवादी गतिविधियों, युद्ध कौशल और तकनीक के साथ ही आपदा से निपटने की बारीकियां सीखेंगे।
सोमवार को सेना छावनी में भारत-नेपाल देशों के बीच 15वें सूर्य किरण संयुक्त सैन्य अभ्यास का शुभारंभ लेफ्टिनेंट जनरल एसएस महल, वीएसएम जीओसी यूबी एरिया ने किया। उन्होंने दोनों देशों की सरकारों को धन्यवाद देते हुए कहा कि सैन्य अभ्यास के साथ ही भाईचारा बढ़ाने की पहल की गई है। ये भारत नेपाल के बीच अच्छी साझेदारी और मजबूत संबंधों की मिसाल को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों में भारत नेपाल के हमेशा साथ खड़े हैं। दोनों ही देशों ने खुद को मजबूत बनाने के लिए और मुश्किल हालातों से निपटने के लिए कई प्रयास किए हैं, जिसमें सफलता भी पाई है। दोनों देशों की सेनाओं ने पहले भी अपनी ताकत और क्षमता का प्रदर्शन किया है। आतंकवाद के साथ ही आपदाओं से निपटने के लिए यह युद्धाभ्यास बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
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सूर्य किरण संयुक्त सैन्य अभ्यास आपसी तालमेल बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी है। महल ने कहा सैन्य अभ्यास में आतंकवाद से निपटने, आपदा प्रबंधन, स्पेशल ऑपरेशन, मानवीय कार्य, मुश्किल समय में मेडिकल ऐड के गुर सीखने के साथ आपसी दोस्ती भी आगे बढ़ाएंगे। इससे पूर्व मैत्री दीवार से दोनों देशों के अधिकारी और सैनिकों ने सेना बैंड की धुन के साथ कदम ताल करते हुए मैदान में प्रवेश किया। इसके बाद दोनों देशों की राष्ट्रीय धुन बजाई गई।
कोविड के बीच युद्धाभ्यास से देशों के संबंध होंगे मजबूत
पिथौरागढ़। लेफ्टिनेंट जनरल एसएएस महल, वीएसएम, जीओसी यूबी एरिया ने कहा कोविड के बाद सैन्य अभ्यास दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा। भारत और नेपाल में रोटी- बेटी के संबंध हैं। नेपाल के साथ भारत का पुराना रिश्ता है। 15 साल से संयुक्त सैन्य अभ्यास चल रहे हैं।
एक बार सैन्य अभ्यास भारत और एक बार नेपाल में आयोजित होता है। उन्होंने कहा देशों के संबंधों को मजबूत करने के लिए ऐसे संयुक्त अभ्यास फायदेमंद रहते हैं। इस मौके पर भारत के कर्नल नितिन सिंह कलतड़े और नेपाल के लेफ्टिनेंट कर्नल बिजय बसनेत मौजूद रहे।
15 साल पुरानी है नेपाल की बटालियन
पिथौरागढ़। सैन्याभ्यास में शामिल नेपाल की बटालियन 15 साल पुरानी है। बटालियन ने यूएन मिशन और अपने देश में बेहतर काम किया है। 6 गढ़वाल राइफल्स 60 साल पुरानी यूनिट है, जिसने हर तरह के युद्धाभ्यास और ऑपरेशनों में भाग लिया है।
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सोमवार को सेना छावनी में भारत-नेपाल देशों के बीच 15वें सूर्य किरण संयुक्त सैन्य अभ्यास का शुभारंभ लेफ्टिनेंट जनरल एसएस महल, वीएसएम जीओसी यूबी एरिया ने किया। उन्होंने दोनों देशों की सरकारों को धन्यवाद देते हुए कहा कि सैन्य अभ्यास के साथ ही भाईचारा बढ़ाने की पहल की गई है। ये भारत नेपाल के बीच अच्छी साझेदारी और मजबूत संबंधों की मिसाल को दर्शाता है।
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उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों में भारत नेपाल के हमेशा साथ खड़े हैं। दोनों ही देशों ने खुद को मजबूत बनाने के लिए और मुश्किल हालातों से निपटने के लिए कई प्रयास किए हैं, जिसमें सफलता भी पाई है। दोनों देशों की सेनाओं ने पहले भी अपनी ताकत और क्षमता का प्रदर्शन किया है। आतंकवाद के साथ ही आपदाओं से निपटने के लिए यह युद्धाभ्यास बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
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सूर्य किरण संयुक्त सैन्य अभ्यास आपसी तालमेल बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी है। महल ने कहा सैन्य अभ्यास में आतंकवाद से निपटने, आपदा प्रबंधन, स्पेशल ऑपरेशन, मानवीय कार्य, मुश्किल समय में मेडिकल ऐड के गुर सीखने के साथ आपसी दोस्ती भी आगे बढ़ाएंगे। इससे पूर्व मैत्री दीवार से दोनों देशों के अधिकारी और सैनिकों ने सेना बैंड की धुन के साथ कदम ताल करते हुए मैदान में प्रवेश किया। इसके बाद दोनों देशों की राष्ट्रीय धुन बजाई गई।
कोविड के बीच युद्धाभ्यास से देशों के संबंध होंगे मजबूत
पिथौरागढ़। लेफ्टिनेंट जनरल एसएएस महल, वीएसएम, जीओसी यूबी एरिया ने कहा कोविड के बाद सैन्य अभ्यास दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा। भारत और नेपाल में रोटी- बेटी के संबंध हैं। नेपाल के साथ भारत का पुराना रिश्ता है। 15 साल से संयुक्त सैन्य अभ्यास चल रहे हैं।
एक बार सैन्य अभ्यास भारत और एक बार नेपाल में आयोजित होता है। उन्होंने कहा देशों के संबंधों को मजबूत करने के लिए ऐसे संयुक्त अभ्यास फायदेमंद रहते हैं। इस मौके पर भारत के कर्नल नितिन सिंह कलतड़े और नेपाल के लेफ्टिनेंट कर्नल बिजय बसनेत मौजूद रहे।
15 साल पुरानी है नेपाल की बटालियन
पिथौरागढ़। सैन्याभ्यास में शामिल नेपाल की बटालियन 15 साल पुरानी है। बटालियन ने यूएन मिशन और अपने देश में बेहतर काम किया है। 6 गढ़वाल राइफल्स 60 साल पुरानी यूनिट है, जिसने हर तरह के युद्धाभ्यास और ऑपरेशनों में भाग लिया है।