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विवि में फिर सुबह से शाम तक हंगामा 

Tue, 13 Jun 2017 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 13 Jun 2017 11:48 PM IST
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In the university again from morning to evening a ruckus
विवि में फिर सुबह से शाम तक हंगामा  - फोटो : amar ujala

कुमाऊं विश्वविद्यालय की पीजी सेमेस्टर परीक्षा तिथि 15 जून से आगे बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार को स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राओं ने दिन भर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में हंगामा किया। छात्र-छात्राएं घंटों कुलपति के कक्ष के बाहर धरना प्रदर्शन पर बैठे रहे। इस कारण कुलपति अपने कक्ष से बाहर नहीं निकल सके।

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देर शाम विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कहकर छात्र-छात्राओं को शांत किया कि पीजी की परीक्षाएं तो 15 जून से ही होंगी। इसमें अनिवार्य रूप से शामिल होना होगा। इसके बाद भी उन्हें एक पखवाड़े के भीतर इसी परीक्षा में पुन: बैठने के साथ-साथ सुधार परीक्षा में भी बैठने का मौका दिया जाएगा। 
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मंगलवार की सुबह 11 बजे स्नातकोत्तर के दर्जनों छात्र-छात्राएं विवि के प्रशासनिक भवन जा पहुंचे। उनका कहना था कि अभी तक उनका पाठ्यक्रम पूरा नहीं हुआ है लिहाजा वह 15 से परीक्षा में नहीं बैठ सकते हैं। इस दौरान कुलपति प्रो.डीके नौड़ियाल अपने कक्ष में मौजूद थे।
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लगभग डेढ़ घंटे बाद कुलपति ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को वार्ता के लिए सभागार में बुलाया मगर वार्ता बेनतीजा रही और कुलपति अपने कैबिन में चले गए। बाद में चार छात्र-छात्राओं के शिष्टमंडल को फिर से वार्ता के लिए बुलाया लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राएं सबके सामने वार्ता कराने पर जोर देते रहे। ऐसा न होने पर छात्र-छात्राओं का गुस्सा भड़क उठा और वह कुलपति कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए।

 कुलपति कभी छात्र नेताओं के साथ तो कभी प्रोफेसरों के साथ अलग-अलग दौर की वार्ताएं करते रहे। शाम सात बजे के करीब कुलपति ने फिर से छात्र-छात्राओं और एनएसयूआई के छात्र नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया।

वार्ता में एनएसयूआई के सूरज पांडे, सुनील मेहरा व सचिन नेगी के अलावा, एकता शर्मा, वैष्णवी दत्त, भावना फुलारा, लता, प्रिया, कोमल, राकेश, महेश, रोहित, गौरव, संदीप, सुमित, मनीषा, नीलम भाकुनी, गणेश चंद्र, गीतांजलि व कविता आदि शामिल हुए जबकि विवि प्रशासन की ओर से कुलपति के अलावा कुलसचिव प्रो.डीसी पांडे, परिसर निदेशक प्रो. एसपीएस मेहता, परीक्षा नियंत्रक प्रो. रजनीश पांडे, प्रो. भगवान सिंह बिष्ट, प्रो. गिरधर नेगी, प्रो. डीएस बिष्ट व प्रो. ललित बर्गली आदि शामिल हुए।     

पुलिस ने कुलपति के कक्ष में नहीं घुसने दिया      

प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने दिन भर में कई बार कुलपति के कक्ष में प्रवेश करना चाहा लेकिन दरवाजे में भारी संख्या में फोर्स होने के कारण वह अपने इस मकसद में सफल नहीं हो सके। इस दौरान छात्र-छात्राओं की पुलिस कर्मियों से तीखी झड़प भी हुई।

पुलिस द्वारा कई बार उन्हें समझाने का प्रयास किया गया लेकिन वह नहीं माने। छात्र-छात्राएं इतने अधिक गुस्से में थे कि उन्होंने वहां लगाई गई एक कर्मचारी की नेम प्लेट भी उखाड़ फेंकी।       

छावनी में तब्दील हुआ प्रशासनिक परिसर      

छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन और हंगामे को देखते हुए विवि प्रसासन द्वारा परिसर में अतिरिक्त पुलिस फोर्स भी बुला ली।  दोपहर में पहुंची फोर्स हाथ में डंडे के अलावा सिर में हेलमेट और शरीर में सुरक्षा कवच पहनकर पहुंची थी। चूंकि प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल थी लिहाजा फोर्स में बड़ी संख्या में महिला पुलिस भी मौजूद थी।      

जूस पिलाकर अनशन तोड़ा

इसी मांग को लेकर छात्रसंघ अध्यक्ष दिग्विजय सिंह मेहरा की अगुवाई में छात्र नेता अनशन पर बैठ गए। अनशन पर बैठने से पहले छात्र नेताओं ने परिसर में कुलपति के पुतले की शवयात्रा निकाली और बाद में पुतला फूंका।


प्रशासनिक भवन में देर शाम प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं और विवि प्रशासन के बीच हुई वार्ता में लिए गए फैसले के बाद डीएसबी परिसर के निदेशक प्रो. एसपीएस मेहता परिसर में अनशन पर बैठे छात्र नेताओं के पास पहुंचे और उन्हें फैसले की जानकारी दी जिससे अनशनकारी छात्र नेता भी संतुष्ट हो गए। 

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