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Nainital News: आंखों पर जोर पड़े तो 20-20-20 का फार्मूला अपनाएं विद्यार्थी
Tue, 23 Dec 2025 02:03 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Tue, 23 Dec 2025 02:03 AM IST
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हल्द्वानी। बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को आंखों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने की जरुरत है। लंबे समय तक अध्ययन से आंखों पर जोर पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार विद्यार्थियों को नियमित अंतराल पर आंखों को आराम देना आवश्यक है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नितिन मेहरोत्रा ने विद्यार्थियों को 20-20-20 का फार्मूला अपनाने के लिए कहा। इसमें प्रत्येक 20 मिनट की डिजिटल पढ़ाई के बाद कम से कम 20 फुट दूर स्थित वस्तु को 20 सेकंड तक देखना चाहिए। यह नियम आंखों को थकान से बचाने का एक प्रभावी उपाय है।
उन्होंने बताया कि पढ़ाई करते समय पर्याप्त और उचित प्रकाश की व्यवस्था का होना अनिवार्य है। मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से बचने से विद्यार्थियों को बचना चाहिए। नींद की कमी से भी आंखों की कार्यक्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है इसलिए पर्याप्त नींद लेना भी आवश्यक है। हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, मौसमी फल, दूध, सूखे मेवे एवं विटामिन-ए युक्त खाद्य पदार्थ आंखों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं।
लक्षण दिखाई दें तो पहुंचे अस्पताल
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीएस तितियाल ने कहा कि यदि आंखों में लगातार दर्द, लालिमा, जलन, पानी आना या धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं हो तो विद्यार्थियों को बगैर देर किए नजदीकी नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। किसी भी प्रकार की दवा स्वयं न लें। शैक्षणिक तैयारी के साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें।
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उन्होंने बताया कि पढ़ाई करते समय पर्याप्त और उचित प्रकाश की व्यवस्था का होना अनिवार्य है। मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से बचने से विद्यार्थियों को बचना चाहिए। नींद की कमी से भी आंखों की कार्यक्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है इसलिए पर्याप्त नींद लेना भी आवश्यक है। हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, मौसमी फल, दूध, सूखे मेवे एवं विटामिन-ए युक्त खाद्य पदार्थ आंखों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं।
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लक्षण दिखाई दें तो पहुंचे अस्पताल
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीएस तितियाल ने कहा कि यदि आंखों में लगातार दर्द, लालिमा, जलन, पानी आना या धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं हो तो विद्यार्थियों को बगैर देर किए नजदीकी नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। किसी भी प्रकार की दवा स्वयं न लें। शैक्षणिक तैयारी के साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें।
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