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हाइड्रो प्रोजेक्ट से बढ़ेगी ग्राम पंचायत की आय
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Sat, 04 Jun 2016 12:32 PM IST
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हल्द्वानी। ग्राम पंचायतों की मेहनत से अब गांव बिजली से जगमगा सकेंगे। हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट लगाकर ग्राम पंचायत ग्रिड को बिजली बेचकर आमदनी भी कर सकती है। ग्रिड को बिजली बेचने के एवज में भुगतान पावर कारपोरेशन करेगा। जिले से सौ किलोवाट के तीन पावर प्रोजेक्ट का प्रस्ताव उरेडा ने निदेशालय को भेजा है। केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।
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हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट लगाने पर ग्राम पंचायत को दस प्रतिशत राशि वहन करनी पड़ती है। सौ किलोवाट का एक प्रोजेक्ट लगाने पर लगभग सवा करोड़ रुपये का खर्च आता है। बाकी राशि केंद्र सरकार वहन करेगी। जिले में कोटाबाग के रोखड़, चाफी और छड़ा से सौ-सौ किलोवाट के प्रोजेक्ट छह माह पहले निदेशालय को भेजे गए थे।
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निदेशालय स्तर से प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है और डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जा रही है। केंद्र सरकार ने ऊर्जा पर ग्राम पंचायत को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उक्त योजना शुरू की है। ग्राम पंचायतें सौ किलोवाट से बनने वाली बिजली को ग्रिड पर दे सकते हैं। इसके लिए पंचायत को पावर कारपोरेशन से करार करना पड़ेगा। ग्रिड पर दी जानी वाली बिजली के एवज में कारपोरेशन भुगतान करेगा।
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