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अब सर्दियों में सड़कों पर हो सकेगा हॉटमिक्स
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प्रतीकात्मक।
हल्द्वानी। लोक निर्माण विभाग को नई सड़क बनाने या फिर पुरानी सड़क का डामरीकरण (हाट मिक्स) करने के लिए सर्दियों के महीनों के खत्म होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। लोनिवि ने कम तापमान के कारण हाटमिक्स में कोई कमी न आए, इसके लिए हाटमिक्स में वार्म मिक्स ऐडिटिव को मिलाकर डामरीकरण का काम करने का फैसला किया है। लोनिवि अधिकारियों के अनुसार यह वार्म मिक्स ऐडिटिव डामरीकरण का तापमान कम नहीं होने देता है, जिससे गुणवत्ता पर असर नहीं पड़ता है। कोटाबाग समेत अन्य जगहों पर इस्तेमाल किया जा रहा है। शुरुआती परिणाम बेहतर आए हैं। अब इसके जरिए ही जल्द ही 14 सड़कों के सतह सुधारीकरण का कार्य शुरू करने की योजना है।
लोक निर्माण विभाग सामान्य तौर पर दिसंबर से मार्च तक कम तापमान के कारण डामरीकरण (हाट मिक्स होता है, इसमें बिटुमिन और बजरी का मिश्रण होता है) के काम को रोक देता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार हाटमिक्स का तापमान 100 से 101 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए। इसी तापमान पर डामरीकरण के बेहतर परिणाम आते हैं पर सर्दियों में हाटमिक्स के तापमान पर असर पड़ता है। अगर सड़क बनाई भी जाए, तो उसकी गुणवत्ता (बिटुमिन का मिश्रण सड़क की सतह से सही चिपक नहीं पाता है और उसके उखड़ने का खतरा रहता है) प्रभावित होती है। ऐसे में लोनिवि को मार्च तक का इंतजार करना पड़ता था, जिसके बाद काम शुरू हो पाता था। एनएच के सहायक अभियंता एमबी थापा ने बताया कि रानीबाग-नैनीताल मार्ग में डामरीकरण के काम में इसका इस्तेमाल किया गया है।
तापमान स्थिर रखने में कारगर
हल्द्वानी। लोनिवि के अधीक्षण अभियंता रणजीत सिंह रावत बताते हैं कि एक तरह का साल्यूशन वार्म मिक्स ऐडिटिव को हाट मिक्स में मिला दिया जाता है। यह हाट मिक्स के 100 से 101 डिग्री सेल्सियस तापमान को स्थिर रखने में मददगार होता है, जिससे करीब गर्मियों के महीनों की तरह काम किया जा सकता है। हाटमिक्स के बाहरी कम तापमान के कारण असर नहीं पड़ता है। इससे बिटुमिन और ईंधन दोनों की बचत होती है। इस तकनीक से दिसंबर में काम हो सकता है। अगर जनवरी में धूप है तो काम हो सकता है।
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केंद्र सरकार की विशेष सहायता मद से जनपद की 14 सड़कों के सतह सुधारीकरण (76 किमी) का काम होना है। इस पर बीस करोड़ खर्च होंगे। यह कार्य हर हाल में मार्च तक पूरा किया जाना है। अब वार्म मिक्स ऐडिटिव के जरिए ही सड़क बनाने की योजना है। ठेकेदार को इसके इस्तेमाल लिए अलग से कोई राशि नहीं दी जाएगी। यह टेंडर की शर्तों में भी शामिल है
-रणजीत सिंह रावत, अधीक्षण अभियंता, नैनीताल, लोक निर्माण विभाग
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लोक निर्माण विभाग सामान्य तौर पर दिसंबर से मार्च तक कम तापमान के कारण डामरीकरण (हाट मिक्स होता है, इसमें बिटुमिन और बजरी का मिश्रण होता है) के काम को रोक देता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार हाटमिक्स का तापमान 100 से 101 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए। इसी तापमान पर डामरीकरण के बेहतर परिणाम आते हैं पर सर्दियों में हाटमिक्स के तापमान पर असर पड़ता है। अगर सड़क बनाई भी जाए, तो उसकी गुणवत्ता (बिटुमिन का मिश्रण सड़क की सतह से सही चिपक नहीं पाता है और उसके उखड़ने का खतरा रहता है) प्रभावित होती है। ऐसे में लोनिवि को मार्च तक का इंतजार करना पड़ता था, जिसके बाद काम शुरू हो पाता था। एनएच के सहायक अभियंता एमबी थापा ने बताया कि रानीबाग-नैनीताल मार्ग में डामरीकरण के काम में इसका इस्तेमाल किया गया है।
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तापमान स्थिर रखने में कारगर
हल्द्वानी। लोनिवि के अधीक्षण अभियंता रणजीत सिंह रावत बताते हैं कि एक तरह का साल्यूशन वार्म मिक्स ऐडिटिव को हाट मिक्स में मिला दिया जाता है। यह हाट मिक्स के 100 से 101 डिग्री सेल्सियस तापमान को स्थिर रखने में मददगार होता है, जिससे करीब गर्मियों के महीनों की तरह काम किया जा सकता है। हाटमिक्स के बाहरी कम तापमान के कारण असर नहीं पड़ता है। इससे बिटुमिन और ईंधन दोनों की बचत होती है। इस तकनीक से दिसंबर में काम हो सकता है। अगर जनवरी में धूप है तो काम हो सकता है।
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केंद्र सरकार की विशेष सहायता मद से जनपद की 14 सड़कों के सतह सुधारीकरण (76 किमी) का काम होना है। इस पर बीस करोड़ खर्च होंगे। यह कार्य हर हाल में मार्च तक पूरा किया जाना है। अब वार्म मिक्स ऐडिटिव के जरिए ही सड़क बनाने की योजना है। ठेकेदार को इसके इस्तेमाल लिए अलग से कोई राशि नहीं दी जाएगी। यह टेंडर की शर्तों में भी शामिल है
-रणजीत सिंह रावत, अधीक्षण अभियंता, नैनीताल, लोक निर्माण विभाग