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होम स्टे योजना को अमलीजामा पहनाएगा कुमंविनि
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल।
Updated Mon, 04 Jan 2016 12:14 AM IST
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कुमाऊं मंडल के दूर-दराज गांवों में रह रहे लोगों को पर्यटन से रोजगार दिलाने के साथ यहां आने वाले देसी-विदेशी सैलानियों को पहाड़ की संस्कृति, रहन सहन और पारंपरिक पकवानों का स्वाद चखाने के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम ने होम स्टे योजना पर काम शुरू शुरू दिया है।
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निगम जल्द ही ऐसे गांवों को चिह्नित करेगा जहां होम स्टे योजना को साकार करने की संभावनाएं मौजूद हैं। यही नहीं निगम इस योजना से जुड़े वाले ग्रामीणों की अपने स्तर पर हर संभव मदद भी करेगा।
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कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक धीराज सिंह गर्ब्याल ने अमर उजाला से भेंट में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुदूरवर्ती धारचूला से लेकर पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चंपावत, बागेश्वर और नैनीताल के दूरस्थ गांवों में होम स्टे योजना की बेहद संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए ही निगम नए साल में होम स्टे पर फोकस कर रहा है।
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योजना के क्रियान्वयन के लिए ऐसे गांवों को चिह्नित किया जाएगा, जो पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से बचे हैं और जहां सैलानियों को कदम कदम पर पहाड़ की पारपंरिक संस्कृति के दर्शन हों। उन्होंने कहा कि इसके लिए पर्यटन विशेषज्ञों और पर्यटन के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों से आवश्यक सुझाव भी लिए जाएंगे।
एमडी गर्ब्याल ने कहा कि कुमाऊं भर में यदि कोई व्यक्ति होम स्टे योजना से जुड़ना चाहता है तो निगम की टीम इस कार्य में उसकी हर संभव मदद करेगी और यदि संबंधित व्यक्ति योजना के मानकों में खरा उतरेगा तो उसे योजना का लाभ देते हुए निगम से संबद्ध कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि होम स्टे योजना का मुख्य उद्देश्य यहां आने वाले देशी विदेशी सैलानियों को पहाड़ की परंपरागत संस्कृति, सभ्यता, खानपान और रहन सहन से अवगत कराना है ताकि पहाड़ की संस्कृति का देश के विभिन्न प्रांतों के साथ साथ विदेशों में भी प्रचार प्रसार हो सके और अधिक से अधिक पर्यटक पहाड़ के दूर दराज के गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों के साथ उनके मेहमान बनकर रहें।
उन्होंने कहा कि इससे एक ओर जहां पहाड़ की पारंपरिक संस्कृति को बचाए रखने में मदद मिलेगी वहीं दूसरी ओर गांवों में रह रहे ग्रामीणों को अपने ही घर में स्वरोजगार भी उपलब्ध होगा।
यदि गांवों में ही लोगों को रोजगार मिलेगा तो इससे पलायन पर भी रोक लगेगी। गर्ब्याल ने बताया कि शीघ्र ही एक टीम गठित कर ऐसे गांवों को चिह्नित किया जाएगा जहां होम स्टे योजना को साकार किया जा सकता है।