हल्द्वानी। हिमालय संगीत शोध समिति के रजत जयंती होली महोत्सव के तहत होली बैठकी का आयोजन किया गया। बाल, युवा, किशोर कलाकारों ने आचार्य धीरज उप्रेती के निर्देशन में समूह में होली गायन किया।
बच्चों ने वन को चले दोनों भाई उन्हें समझाओ माई, अब की केर हमारी, लाज लाखों गिरधारी पर होली गायन किया। पंकज जोशी ने भव भंजन गुन गाऊं अपने राम को रिझाऊं, आशीष मेहता और साथियों ने मन रंग दे करतार, मधुर मेरा साज मिला दे। पीयूष पांडे और साथियों ने जित देखूं तित श्याम मई है। श्याम कुंज वन यमुना श्याम, श्याम गगन घन छाये आदि पर होली गायन किया। पंकज जोशी के संयोजन में हुई कार्यशाला में शुशांत बिष्ट, कार्तिक हरबोला, श्रेयांश मौलिखी, नीरज उप्रेती, सुमित पाण्डे, शुभम पांडे, देव तिवारी, शिवांश गंगोला, प्रनंजय राणा, वेद तिवारी, नितिन पाठक, प्रयान गंगोला, कार्तिकेय गंगोला, उत्कर्ष उप्रेती, आइंश नयाल, वत्सल गुरुरानी, रेयांश पाठक, शांतनु बिष्ट, कुशाग्र टंडन, भौमिक बिष्ट, आशीष मेहता, मानस सती, पार्थ उप्रेती आदि ने भी होली गायन किया।