{"_id":"63fd04f8557cc00a3c0212f4","slug":"hindi-day-in-nainital-nainital-news-c-8-1-67516-2023-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिंदी विश्व की भाषा बनी : महिपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिंदी विश्व की भाषा बनी : महिपाल
Tue, 28 Feb 2023 01:01 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Tue, 28 Feb 2023 01:01 AM IST
विज्ञापन
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय हिंदी विभाग के सहयोग से विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर विश्व की हिंदी-हिंदी का विश्व विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि लेखक और कहानीकार डॉ. सुभाष शर्मा, विशिष्ट अतिथि प्रो. एलएम जोशी, डॉ. रितेश शाह रहे।
सोमवार को यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र के बुरांश सभागार में कार्यक्रम हुआ। इस दौरान भारतीय भाषा तथा संस्कृति केंद्र के सचिव महिपाल सिंह ने कहा कि हिंदी विश्व की भाषा बन चुकी है। उन्होंने कार्यालयों में अंग्रेजी के स्थान पर हिंदी के अधिक से अधिक प्रयोग करने को भी हिंदी के प्रसार में सहायक बताया। मुख्य अतिथि रहे डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि हिंदी केवल विषय के रूप में नहीं बल्कि माध्यम के रूप में महत्वपूर्ण है। डॉ. रितेश शाह ने हिंदी की महत्व पर चर्चा की। मोहित कुमार जोशी ने आईआईटी बांबे के उड़ान जैसे प्रोजेक्ट को महत्वपूर्ण बताया। यहां डॉ. निधि वर्मा, शोध छात्रा सृष्टि गंगवार, प्रो. शिरीष मौर्य, प्रो. सावित्री कैड़ा, डॉ. शुभा मटियानी, डॉ. शशि पांडे, डॉ. कंचन आर्य, डॉ. दीक्षा मेहरा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सोमवार को यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र के बुरांश सभागार में कार्यक्रम हुआ। इस दौरान भारतीय भाषा तथा संस्कृति केंद्र के सचिव महिपाल सिंह ने कहा कि हिंदी विश्व की भाषा बन चुकी है। उन्होंने कार्यालयों में अंग्रेजी के स्थान पर हिंदी के अधिक से अधिक प्रयोग करने को भी हिंदी के प्रसार में सहायक बताया। मुख्य अतिथि रहे डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि हिंदी केवल विषय के रूप में नहीं बल्कि माध्यम के रूप में महत्वपूर्ण है। डॉ. रितेश शाह ने हिंदी की महत्व पर चर्चा की। मोहित कुमार जोशी ने आईआईटी बांबे के उड़ान जैसे प्रोजेक्ट को महत्वपूर्ण बताया। यहां डॉ. निधि वर्मा, शोध छात्रा सृष्टि गंगवार, प्रो. शिरीष मौर्य, प्रो. सावित्री कैड़ा, डॉ. शुभा मटियानी, डॉ. शशि पांडे, डॉ. कंचन आर्य, डॉ. दीक्षा मेहरा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन