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Nainital: हाईकोर्ट ने पैडल रिक्शा मालिकों को दी राहत, दिया तीन महीने का समय, पढ़ें पूरा मामला
Wed, 21 Jun 2023 04:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Wed, 21 Jun 2023 04:56 PM IST
सार
कोर्ट को यह भी बताया कि ई रिक्शा के पार्किंग के लिए जगह नहीं है और ना ही उनकी बैटरी को चार्ज करने की कोई व्यवस्था है। रिक्शा मालिकों के पास ई रिक्शा खरीदने के लिए इतना बजट भी नही है। इसलिए 15 दिन की अवधि को बढ़ाया जाए।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने नैनीताल में पैडल रिक्शा को ई रिक्शा में बदलने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद पैडल रिक्शा मालिकों को राहत दी है। हाईकोर्ट ने पैडल रिक्शे को ई रिक्शे में बदलने के समय को तीन माह कर दिया है।
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मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पैडल रिक्शा चालक संघ ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर कहा था कि नगर पालिका ने उन्हें पैडल रिक्शे को ई रिक्शे में बदलने के लिए 15 दिन का समय दिया है जो बहुत कम है। इसलिए इसकी अवधि बढाई जाए।
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याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को यह भी बताया कि ई रिक्शा के पार्किंग के लिए जगह नहीं है और ना ही उनकी बैटरी को चार्ज करने की कोई व्यवस्था है। रिक्शा मालिकों के पास ई रिक्शा खरीदने के लिए इतना बजट भी नही है। इसलिए 15 दिन की अवधि को बढ़ाया जाए।
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6 जून को कोर्ट ने नैनीताल में ट्रैफिक जाम को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की थी। इसमें कोर्ट ने नगर पालिका से पूछा था कि मालरोड पर कितने ई रिक्शे व कितने पैडल रिक्शे चल रहे है। नगर पालिका की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि मालरोड पर 11 ई रिक्शे और 60 पैडल रिक्शे चल रहे है। जो 60 पैडल रिक्शे हैं उनकी जगह ई रिक्शे चलाने का प्रस्ताव है।
मुख्य न्यायाधीश ने पूर्व में एक पत्र का स्वत: संज्ञान लिया था। पत्र में कहा गया था कि नैनीताल में खासकर सीजन के दौरान ट्रैफिक जाम की बहुत बड़ी समस्या है। सीजन के दौरान हजारों पर्यटक अपने वाहनों और टैक्सी से यहां आते हैं, जो जाम का मुख्य कारण हैं।
हाईकोर्ट की तरफ से समय समय पर जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन को ट्रैफिक सुधारने के लिए निर्देश जारी होते रहे हैं लेकिन समस्या का हल आज तक नहीं निकाला गया। यातायात पुलिस ट्रैफिक को आसानी से चलाने में नाकाम साबित हुई है जिससे स्कूली बच्चों, कार्यालय कर्मचारियों और अधिवक्ताओं को समय पर पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण होटल व्यवसाई भी पर्यटकों की गाड़ियों को सड़क पर ही पार्क करवाते है। ऐसे में कई बार एंबुलेंस समेत मरीजों को ले जा रहीं निजी गाड़ियां ट्रैफिक जाम में फंस जाती हैं। कालाढूंगी, भवाली और हल्द्वानी से आने जाने वाले वाहनों की ठीक ढंग से चेकिंग नहीं होती है। इससे जाम के हालात पैदा हो जाते हैं और पुलिस खुद मूकदर्शक बनी रहती है। इंडिया होटल के पास जू शटल सेवा लगी रहती है जिसकी वजह से और जाम लग जाता है।