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अरे, भाई बाल मिठाई खिलानी पड़ेगी...
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थोमस कप जीतकर इतिहास रचने वाले लक्ष्य सेन अपने कोच पिता डीके सेन के साथ। विज्ञप्ति
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हल्द्वानी। थॉमस कप में जीत का परचम लहराने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे और पहला सिंगल जीतने वाले उत्तराखंड निवासी लक्ष्य सेन ने कहा 14 बार जो टीम जीत चुकी थी, उस टीम को हराना सपने सरीखा रहा। हमारी टीम बैलेंस थी और टीम ने एकजुटता से एक दूसरे की मदद की।
अमर उजाला से बातचीत में लक्ष्य ने बताया कि जीत के बाद हर जगह से बधाई संदेश आ रहे हैं। सबसे बड़ी खुशी तब मिली जब प्रधानमंत्री ने टीम से और उनसे बात की। रविवार शाम को प्रधानमंत्री ने उनसे फोन पर बात करते हुए कहा तुम्हारी तीनों पीढ़ियां बैडमिंटन में हैं। तुम्हारे दादा, पिता और तुम। अरे भाई बाल मिठाई खिलानी पड़ेगी। लक्ष्य ने कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। टीम के लिए पहला सिंगल खेला और टीम को जीत दिलाना खुशी का पल रहा। इस जीत से भारतीय बैडमिंटन बहुत ऊपर जाएगी। टीम ने एक दूसरे को काफी सपोर्ट किया। पिता डीके सेन ने कोच के तौर पर काफी हेल्प की। टीम में 10 खिलाड़ी, छह कोच समेत स्पोर्ट स्टाफ की और देश की जीत है। यह माइल स्टोन है।
अब तक लक्ष्य की विशेष उपलब्धि
- स्पेन में हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल
- दिल्ली में हुए इंडिया ओपन में गोल्ड मेडल
- जर्मन ओपन में सिल्वर मेडल
- आल इंग्लैंड टूर्नामेंट में सिल्वर
- थॉमस कप में टीम को गोल्ड मेडल
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अमर उजाला से बातचीत में लक्ष्य ने बताया कि जीत के बाद हर जगह से बधाई संदेश आ रहे हैं। सबसे बड़ी खुशी तब मिली जब प्रधानमंत्री ने टीम से और उनसे बात की। रविवार शाम को प्रधानमंत्री ने उनसे फोन पर बात करते हुए कहा तुम्हारी तीनों पीढ़ियां बैडमिंटन में हैं। तुम्हारे दादा, पिता और तुम। अरे भाई बाल मिठाई खिलानी पड़ेगी। लक्ष्य ने कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। टीम के लिए पहला सिंगल खेला और टीम को जीत दिलाना खुशी का पल रहा। इस जीत से भारतीय बैडमिंटन बहुत ऊपर जाएगी। टीम ने एक दूसरे को काफी सपोर्ट किया। पिता डीके सेन ने कोच के तौर पर काफी हेल्प की। टीम में 10 खिलाड़ी, छह कोच समेत स्पोर्ट स्टाफ की और देश की जीत है। यह माइल स्टोन है।
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अब तक लक्ष्य की विशेष उपलब्धि
- स्पेन में हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल
- दिल्ली में हुए इंडिया ओपन में गोल्ड मेडल
- जर्मन ओपन में सिल्वर मेडल
- आल इंग्लैंड टूर्नामेंट में सिल्वर
- थॉमस कप में टीम को गोल्ड मेडल