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Nainital News: बच्चों की क्रीड़ा संबंधित दिक्कतों वाली याचिका पर सुनवाई 16 को
Sat, 10 May 2025 01:52 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 10 May 2025 01:52 AM IST
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प्रतीकात्मक
नैनीताल। हाईकोर्ट ने गली-मोहल्लों में खेलने वाले बच्चों की क्रीड़ा संबंधी दिक्कतों पर स्वतः संज्ञान वाली याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 16 जून की तिथि नियत की है। पूर्व में कोर्ट ने न्यायमित्र को सुझाव देने के लिए कहा था कि खेलों से वंचित बच्चों के लिए खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने में आम समाज कैसे योगदान कर सकता है, जिससे बच्चों को बेहतर नागरिक बनाने में मदद मिल सके। मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
क्रिकेट खिलाड़ी विराट कोहली के एक वीडियो के आधार पर कुछ बच्चों ने 2023 में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर उनके खेलने के लिए मैदान न होने और गली-मोहल्लों में अंकल, आंटी की ओर से खेलने से रोकने पर उनका बचपन प्रभावित होने की शिकायत की थी।
इस पत्र का हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था। हाईकोर्ट ने पूर्व में खेल मंत्रालय भारत सरकार, खेल निदेशक उत्तराखंड, सचिव शहरी विकास उत्तराखंड से जवाब मांगा था। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि खेलो इंडिया के तहत कोई ऐसी पॉलिसी है जिसके तहत बच्चों के शारीरिक विकास के लिए खेल के मैदान बनाए जा सकें। हाईकोर्ट ने पूर्व में कहा था कि खेल के मैदान न होने से बच्चे मोबाइल, कंप्यूटर में समय बर्बाद कर रहे हैं जिससे उनका शारीरिक व मानसिक विकास बाधित हो रहा है।
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क्रिकेट खिलाड़ी विराट कोहली के एक वीडियो के आधार पर कुछ बच्चों ने 2023 में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर उनके खेलने के लिए मैदान न होने और गली-मोहल्लों में अंकल, आंटी की ओर से खेलने से रोकने पर उनका बचपन प्रभावित होने की शिकायत की थी।
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इस पत्र का हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था। हाईकोर्ट ने पूर्व में खेल मंत्रालय भारत सरकार, खेल निदेशक उत्तराखंड, सचिव शहरी विकास उत्तराखंड से जवाब मांगा था। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि खेलो इंडिया के तहत कोई ऐसी पॉलिसी है जिसके तहत बच्चों के शारीरिक विकास के लिए खेल के मैदान बनाए जा सकें। हाईकोर्ट ने पूर्व में कहा था कि खेल के मैदान न होने से बच्चे मोबाइल, कंप्यूटर में समय बर्बाद कर रहे हैं जिससे उनका शारीरिक व मानसिक विकास बाधित हो रहा है।
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