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स्टोन क्रशर मामले पर हाईकोर्ट में अब 24 को सुनवाई, गांवों में स्थापित किए जा रहे क्रशरों का मामला
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने गांवों में धड़ल्ले से स्थापित किए जा रहे स्टोन क्रशरों के मामले में दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 जून की तिथि नियत की है।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार रामनगर निवासी आनंद सिंह सहित 30 अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिकाएं दायर कर कहा था कि गांवों में धड़ल्ले से स्टोन क्रशर स्थापित किए जा रहे हैं।
याचिकाओं में गांव से स्टोन क्रशर हटाने की मांग की गई थी। कहा कि खेती की जमीन पर स्टोन क्रशर खोले जा रहे हैं जिससे आवासीय इलाकों में प्रदूषण के साथ बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। इन याचिकाओं में स्टोन क्रशरों को शिफ्ट करने की मांग की गई थी। याचिका में कहा कि कई स्टोन क्रशर बिना अनुमति व बगैर लाइसेंस के आबादी क्षेत्रों में चल रहे हैं, इसलिए इन्हें प्रतिबंधित क्षेत्रों से हटाया जाए या उन पर रोक लगाई जाए। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सरकार की ओर से बहस करेंगे। संवाद
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मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार रामनगर निवासी आनंद सिंह सहित 30 अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिकाएं दायर कर कहा था कि गांवों में धड़ल्ले से स्टोन क्रशर स्थापित किए जा रहे हैं।
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याचिकाओं में गांव से स्टोन क्रशर हटाने की मांग की गई थी। कहा कि खेती की जमीन पर स्टोन क्रशर खोले जा रहे हैं जिससे आवासीय इलाकों में प्रदूषण के साथ बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। इन याचिकाओं में स्टोन क्रशरों को शिफ्ट करने की मांग की गई थी। याचिका में कहा कि कई स्टोन क्रशर बिना अनुमति व बगैर लाइसेंस के आबादी क्षेत्रों में चल रहे हैं, इसलिए इन्हें प्रतिबंधित क्षेत्रों से हटाया जाए या उन पर रोक लगाई जाए। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सरकार की ओर से बहस करेंगे। संवाद
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