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बेटे के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर सुन सदमे से पिता की मौत
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प्रतिकात्मक।
हल्द्वानी। एसटीएच में कार्यरत उपनल कर्मचारी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जब यह बात उसके पिता को पता चली तो उनकी सदमे से मौत हो गई। बेटा एसटीएच में भर्ती है और पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाया।
सुभाषनगर क्षेत्र निवासी एसटीएच में कार्यरत एक कर्मचारी की चार अगस्त को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद उसे वहीं एसटीएच में ही भर्ती कर दिया गया। इधर, जब बेटा कुछ दिन तक घर में नहीं दिखा तो गुरुवार की शाम उसके पिता ने अपनी बहू से पूछा। इस पर उसने बताया कि कोरोना संक्रमण होने की वजह से वह एसटीएच में भर्ती है। थोड़ी देर बाद परिवार वालों ने देखा कि 77 वर्षीय घर के बुजुर्ग जमीन पर पड़े हैं और उनके मुंह से खून निकल रहा है। जांच की तो पता चला कि वह दम तोड़ चुके हैं। कोरोना पॉजिटिव का परिवार होने की वजह से कोई अंतिम संस्कार के लिए आगे भी नहीं आया। बाद में एसटीएच के कर्मचारियों ने फर्ज निभाते हुए अपने सहकर्मी के पिता का अंतिम संस्कार किया। भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी प्रतापनगर कोटी ने बताया कि इस तरह का कोई भी मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। शिकायत पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
कोई बीमारी नहीं थी मेरे पिता को
हल्द्वानी। एसटीएच में भर्ती कोरोना पॉजिटिव कर्मी ने बताया कि सात दिन पहले ही वह एक बच्चे का पिता बना। घर में खुशी आने के बाद अचानक से गमों का पहाड़ टूट गया। अपने पिता की मौत पर कहा कि उसके पिता को कोई बीमारी नहीं थी। वह अब भी साइकिल चलाते थे और सारे काम करते थे। बताया कि जब घरवालों ने उसकी कोरोना पॉजिटिव होने की खबर सुनाई, उसके कुछ देर बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
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सुभाषनगर क्षेत्र निवासी एसटीएच में कार्यरत एक कर्मचारी की चार अगस्त को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद उसे वहीं एसटीएच में ही भर्ती कर दिया गया। इधर, जब बेटा कुछ दिन तक घर में नहीं दिखा तो गुरुवार की शाम उसके पिता ने अपनी बहू से पूछा। इस पर उसने बताया कि कोरोना संक्रमण होने की वजह से वह एसटीएच में भर्ती है। थोड़ी देर बाद परिवार वालों ने देखा कि 77 वर्षीय घर के बुजुर्ग जमीन पर पड़े हैं और उनके मुंह से खून निकल रहा है। जांच की तो पता चला कि वह दम तोड़ चुके हैं। कोरोना पॉजिटिव का परिवार होने की वजह से कोई अंतिम संस्कार के लिए आगे भी नहीं आया। बाद में एसटीएच के कर्मचारियों ने फर्ज निभाते हुए अपने सहकर्मी के पिता का अंतिम संस्कार किया। भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी प्रतापनगर कोटी ने बताया कि इस तरह का कोई भी मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। शिकायत पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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कोई बीमारी नहीं थी मेरे पिता को
हल्द्वानी। एसटीएच में भर्ती कोरोना पॉजिटिव कर्मी ने बताया कि सात दिन पहले ही वह एक बच्चे का पिता बना। घर में खुशी आने के बाद अचानक से गमों का पहाड़ टूट गया। अपने पिता की मौत पर कहा कि उसके पिता को कोई बीमारी नहीं थी। वह अब भी साइकिल चलाते थे और सारे काम करते थे। बताया कि जब घरवालों ने उसकी कोरोना पॉजिटिव होने की खबर सुनाई, उसके कुछ देर बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
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