{"_id":"384f18d4420338ba86e2182e5538aeb7","slug":"hatmics-plant-performance-against-villagers-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाटमिक्स प्लांट के विरोध में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाटमिक्स प्लांट के विरोध में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्दूचौड़।
Updated Sun, 29 Mar 2015 02:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्दूचौड़(नैनीताल)। बमेटा बंगर केशव गांव में पिछले एक साल से हाटमिक्स प्लांट चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हाटमिक्स प्लांट घनी आबादी में है। उनका आरोप है कि हाटमिक्स प्लांट चलाने के लिए प्रबंधकों के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी तक नहीं है। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट प्रबंधकों ने 15 दिनों में प्लांट स्थानांतरित करने की बात कही थी, लेकिन शनिवार को प्लांट दोबारा शुरू कर दिया गया। जिस पर ग्रामीण भड़क गए और प्लांट परिसर में नारेबाजी करने लगे।
प्रदर्शन करने वालों में गंगा पांडे, निधि बिष्ट, चंद्रा मेहरा, मधु पांडे, लीला त्रिपाठी, लीला नैनवाल, आनंदी भट्ट, विमला पांडे, शांति बेलवाल, विमला शर्मा, पूजा असगोला, मेघा त्रिपाठी, गोपाल सिंह नेगी, कांग्रेस नेता शंकर जोशी आदि मौजूद थे। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट के पास रह रहे एक युवक का आपरेशन किया गया था। जिसे बाद में घर लाया गया। कुछ दिनों बाद ही युवक की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदूषण से उसकी मौत हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट प्रबंधकों ने 15 दिनों में प्लांट स्थानांतरित करने की बात कही थी, लेकिन शनिवार को प्लांट दोबारा शुरू कर दिया गया। जिस पर ग्रामीण भड़क गए और प्लांट परिसर में नारेबाजी करने लगे।
विज्ञापन
प्रदर्शन करने वालों में गंगा पांडे, निधि बिष्ट, चंद्रा मेहरा, मधु पांडे, लीला त्रिपाठी, लीला नैनवाल, आनंदी भट्ट, विमला पांडे, शांति बेलवाल, विमला शर्मा, पूजा असगोला, मेघा त्रिपाठी, गोपाल सिंह नेगी, कांग्रेस नेता शंकर जोशी आदि मौजूद थे। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट के पास रह रहे एक युवक का आपरेशन किया गया था। जिसे बाद में घर लाया गया। कुछ दिनों बाद ही युवक की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदूषण से उसकी मौत हुई।
विज्ञापन