फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Harish's hum, Yashpal's hospitality

हरीश की हुंकार, यशपाल का सत्कार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 12 Nov 2021 12:48 AM IST
विज्ञापन
Harish's hum, Yashpal's hospitality
हल्द्वानी। रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की विजय संकल्प और शंखनाद जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने परिवर्तन की हुंकार भरी तो घर लौटे यशपाल आर्य का जोरदार स्वागत किया गया। अपेक्षा से भी अधिक भीड़ के जुटने से वरिष्ठ नेता गदगद दिखे। उन्होंने कहा कि परिवर्तन यात्रा से कई गुना अधिक लोग आज पहुंचे हैं। कांग्रेसी दिग्गज नेता इसे वर्ष 2022 में सत्ता में वापसी के रूप में देख रहे हैं।
विज्ञापन

रामलीला मैदान में सुबह 11 बजे से ही लोगों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। दोपहर एक बजे तक पूरा पंडाल भर चुका था। एक बजकर 15 मिनट पर जब कांग्रेस के दिग्गज नेता पहुंचे तो पंडाल में बैठने के लिए कुर्सी खाली नहीं बची थी। रामलीला मैदान खचाखच भरने पर लोग इधर-उधर खड़े होकर कांग्रेस के नेताओं को सुनते हुए नजर आए। जनसभा में नैनीताल जिले के अलावा ऊधमसिंहनगर जिले से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। बाजपुर, रुद्रपुर समेत कांग्रेस नेता अपने समर्थकों संग जनसभा में आए थे। कांग्रेस के बड़े नेता उम्मीद से अधिक भीड़ जुटने पर इतना खुश थे कि कई बार मंच पर लोगों को स्वागत के लिए चढ़ने से रोकने पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रोकने से मना कर दिया और बोले, आने दो। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल और संचालन महानगर अध्यक्ष राहुल छिमवाल ने किया।
विज्ञापन

किसने क्या कहा
झूठे नारे और झूठे वायदों वाली यह सरकार अब नहीं चलेगी। भाजपा सत्ता में नहीं बल्कि विपक्ष में ही अच्छी लगती है, इन्हें सरकार चलाना नहीं आता। उन्होंने कहा कि 24 हजार युवाओं को रोजगार देने वाली भाजपा सरकार से मैं पूछता चाहता हूं कि पांच साल में कितने युवाओं को रोजगार दिया बताएं? विकास कहीं दिखता नहीं, केवल होर्डिंग तक ही विकास सीमित है। - यशपाल आर्य, पूर्व मंत्री
विज्ञापन
विज्ञापन

जनसभा में उमड़ा जनसैलाब इस बात का सबूत है कि अब बदलाव निश्चित है। उन्होंने कहा कि अब यशपाल आर्य के कंधों पर इस बार बड़ी जिम्मेदारी है। - गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष
भाजपा को सत्ता से उखाड़ने का अब वक्त का आ गया। कार्यकर्ता 2022 में पूर्ण बहुमत से कांग्रेस की सरकार बनाएं ताकि प्रदेश का विकास हो सके। - देवेंद्र यादव, प्रदेश प्रभारी
डबल इंजन की सरकार अगर सही काम कर रही थी तो मुख्यमंत्री पद से त्रिवेंद्र सिंह रावत को क्यों हटाया गया। डबल इंजन वाली यह पहली ऐसी सरकार है जिसने उत्तराखंड में आपदा आने पर कोई मदद नहीं की। केंद्रीय गृहमंत्री दो बार आए, फिर प्रधानमंत्री भी दौरे पर आए मगर आपदा प्रभावितों के लिए कोई आर्थिक मदद देने की घोषणा नहीं की। - प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष
गोल्डन कार्ड के नाम पर कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों का पैसा काटा जा रहा है मगर लाभ कोई नहीं मिल रहा। डबल इंजन की सरकार पूरी तरह फेल है। इस बार भाजपा सरकार की विदाई तय है। - सुमित हृदयेश, प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस पब्लिसिटी कमेटी
हरदा ने अपने भाषण में नहीं लिया इंदिरा का नाम
हल्द्वानी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रामलीला मैदान में अपने आधे घंटे के भाषण में भाजपा पर जबरदस्त प्रहार किया लेकिन अपने इंदिरा हृदयेश एक बार भी नाम नहीं लिया। जबकि यशपाल आर्या और सोनिया गांधी का कई बार नाम लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम पुष्कर सिंह धामी हरीश रावत ने निशाने पर रहे। उन्होंने दावा किया कि अब भाजपा सरकार जाने वाली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी घोषणाओं पर अमल नहीं कर पाएंगे। सरकार चली जाएगी। कहा कि यदि उत्तराखंड में सरकार बनती है तो देश में भी दो साल बाद कांग्रेस की सरकार आएगी। लालकिले पर कांग्रेस का प्रधानमंत्री झंडा फहराएगा।
ये रहे मौजूद
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, कार्यकारी अध्यक्ष भुवन कापड़ी, राजस्थान के मंत्री एवं नैनीताल लोकसभा क्षेत्र प्रभारी राजेंद्र यादव, प्रकाश जोशी, राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व सांसद महेंद्रपाल, विधायक करन महरा, काजी निजामुद्दीन, पूर्व विधायक संजीव आर्य, विजय सिजवाली, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य, जरीता लैतफलांग, प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया, पूर्व विधायक हरीश दुर्गापाल, नारायण पाल, मयंक भट्ट, परमजीत सिंह कोहली संटी, डॉ. केदार पलडिया, हुकुम सिंह कुंवर, गोविंद बगड़वाल, प्रयाग भट्ट, राजेंद्र दुर्गापाल, शोभा बिष्ट, शशि वर्मा, संध्या डालाकोटी, कमल पपनै, प्रदीप बिष्ट, हेमंत साहू, पीयूष आगरी आदि मौजूद रहे।
कांग्रेस की सभा दो : नेताओं को चेहरा दिखाने के चक्कर में फैली अव्यवस्था
हल्द्वानी। नेताओं को चेहरा दिखाने के चक्कर में कांग्रेस के मंच पर अव्यवस्थाएं फेल गई। स्थिति यह थी कि बड़ी संख्या में लोग मंच पर चढ़ गए और मंच के सामने बनाए गए सुरक्षा घेरे तक में डटे रहे। कौन नेता बोल रहा है, यह तक नहीं दिखाई दे रहा था केवल आवाज से ही पहचान हो रही थी। धक्कामुक्की में कई लोग मंच से गिर गए।
मंच के सामने कार्यकर्ताओं को शांत करने के लिए यशपाल आर्य ने संबोधन शुरू करने से पहले कई बार अनुरोध किया लेकिन लोग नहीं माने तो उन्होंने संबोधन बीच में ही रोक दिया। लोगों के शांत होने के बाद उन्होंने अपना संबोधन पूरा किया। हरीश रावत को भी मंच के सामने शोर शराबा होने के कारण अपना संबोधन बीच में रोकना पड़ा। वह बार-बार यही कहते नजर आए कि मैं बोलना बंद कर दूं, आप लोग शांत हो जाएं। जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, महानगर अध्यक्ष राहुल छिमवाल, सेवादल कार्यकर्ता व्यवस्था बनाने में शुरू से लेकर अंत तक जूझते रहे मगर लोग मानने को तैयार ही नहीं थे।

समर्थक यशपाल और सुमित को कंधे पर बैठाकर लाए
हल्द्वानी। पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य की कांग्रेस में वापसी के बाद उनके स्वागत के लिए आयोजित की गई विजय संकल्प एवं शंखनाद जनसभा में कार्यकर्ताओं में खूब जोश दिखाई दिया। वरिष्ठ नेता यशपाल आर्य जुलूस में समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे तो समर्थकों ने उन्हें अपने कंधे पर बैठा रखा था। वह जैसे ही समर्थकों के संग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो लोग उनका स्वागत करने के लिए दौड़ पड़े। यशपाल आर्य ने भी जनता के बीच पहुंचकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। इसी तरह एआईसीसी सदस्य एवं पब्लिसिटी कमेटी के अध्यक्ष सुमित हृदयेश भी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे, उन्हें भी समर्थक ने अपने कंधे पर बैठा रखा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed