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हल्द्वानी: इस सीट ने दिए कैबिनेट मंत्री और नेता प्रतिपक्ष

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jan 2022 02:21 AM IST
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Haldwani: This seat gave cabinet ministers and leader of opposition
विधानसभा सीट परिचय
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- कुल मतदाता 150634
- पुरुष - 78642
- महिला - 71992
युवा मतदाता - 78128
- क्षेत्रफल : 11.5 वर्ग किलोमीटर
माई सिटी रिपोर्टर
हल्द्वानी। कुमाऊं में हल्द्वानी वीआईपी सीट रही है। एकीकृत उत्तर प्रदेश के समय और जब नैनीताल जिले में ऊधमसिंह नगर जिला भी शामिल था तब 70 के दशक से चार सीटें हुआ करती थीं। इसमें नैनीताल, खटीमा, काशीपुर और हल्द्वानी सीट थी। हल्द्वानी विधानसभा में रुद्रपुर, किच्छा, लालकुआं आदि क्षेत्र भी आता था। राज्य बनने के बाद वर्ष-2002 में हुए विधानसभा चुुनाव में डॉ. इंदिरा हृदयेश कांग्रेस से विधायक बनी थीं। 2012, 2017 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की डॉ. इंदिरा हृदयेश विजयी रहीं। उन्होंने राज्य में कैबिनेट और नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। बंशीधर भगत भी यहां से जीत दर्ज करने के बाद कैबिनेट मंत्री बने थे। 2002 में इस विधानसभा सीट का नया परिसीमन किया गया। 2012 में पुन: परिसीमन किया गया
कौन-कौन रहा विधायक रहा
आजादी के बाद
1977- देव बहादुर सिंह (कांग्रेस)
1980- अकबर अहमद (कांग्रेस)
1985- मोतीराम (कांग्रेस)
1989 एनडी तिवारी (कांग्रेस)
1991- एनडी तिवारी (कांग्रेस)
1993- तिलक राज बेहड़ (भाजपा)
1996- तिलक राज बेहड़ (भाजपा)
राज्य गठन के बाद
2002 डॉ. इंदिरा हृदयेश (कांग्रेस)
2007 बंशीधर भगत (भाजपा)
2012 डॉ. इंदिरा हृदयेश (कांग्रेस)
2017 डॉ. इंदिरा हृदयेश (कांग्रेस)
प्रमुख मुद्दे
- आईएसबीटी निर्माण नहीं हो सका
- अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर
- रिंग रोड
- स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट
- अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेल गतिविधि शुरू नहीं हो सकी
- आई बैंक शुरू नहीं हो सका
- जमरानी बांध निर्माण शुरू नहीं हो सका
- पार्किंग की व्यवस्था नहीं बन सकी
ये कार्य हुए
- राज्य बनने के बाद मेडिकल कालेज, हल्द्वानी शुरू हुआ।
- उत्तराखंड मुक्त विवि की स्थापना हुई।
- नगर निगम का गठन हुआ
- श्रम निदेशालय
- उच्च शिक्षा निदेशालय
- दुग्ध निदेशालय
- प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय
- जल संस्थान के हल्द्वानी ग्रामीण का गठन हुआ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहर के विकास के लिए दो हजार करोड़ रुपये दिए हैं। इस पैसे का सदुपयोग करते हुए वह न्यू हल्द्वानी बनाना चाहते हैं। इसमें स्मार्ट सीवरेज, ई सिस्टम, स्मार्ट पार्क, पोर्टल सिस्टम, स्मार्ट रोड, पुलिस के लिए आवश्यक चीजें सहित अन्य व्यवस्था का पूरा खाका तैयार कर लिया है। भविष्य में हल्द्वानी बेहतर नजर आएगी।
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-जोगेंद्र रौतेला, मेयर (वर्ष-2017 में भाजपा के प्रत्याशी)
कोट
कोविड के समय चिकित्सा संसाधनों को बढ़ाने के लिए मेडिकल कालेज को विधायक निधि दी गई, इससे बेड, फ्लो मीटर, आक्सीजन सिलिंडर आदि उपलब्ध हो सके। इसी तरह बनभुलपुरा स्वास्थ्य केंद्र में संसाधन जुटाने के लिए विधायक निधि दी गई। मार्गों आदि को लेकर कार्य किया गया।
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-सुमित हृदयेश (नेता प्रतिपक्ष व हल्द्वानी से विधायक रही डॉ. इंदिरा हृदयेश के बेटे, डॉ. हृदयेश का निधन जून-2021 में हो गया था)
वादे पूरे/अधूरे
डॉ. इंदिरा हृदयेश ने विकास के कई काम भी कराए लेकिन प्रदेश में कांग्रेस की सरकार न बनने के कारण उनकी कई योजनाएं पूरी नहीं हो सकीं। शहर में सबसे बड़ी यातायात की समस्या है।
- गौतम अरोरा रिंकल, भोलानाथ गार्डन
-
0 रोडवेज बसअड्डे को शिफ्ट करने के लिए कांग्रेस शासनकाल में गौलापार में आईएसबीटी बनाए जाने की जो योजना बनी थी, वह अब तक पूरी नहीं हो सकी।
- संतोष सक्सेना, मंगलपड़ाव
हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में विपक्ष की विधायक होने के कारण तेजी से विकास कार्य नहीं हो सके। हालांकि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते डॉ. इंदिरा हृदयेश ने जनहित के काफी काम कराए थे। - संजय यादव, मंगलपड़ाव

-
हमें डॉ. इंदिरा हृदयेश की तरह काम करने वाला ही विधायक चाहिए। वह गरीब जनता की समस्याओं का समाधान करने में कभी पीछे नहीं रहती थीं। जो भी विधायक बनें, शहर का विकास होना चाहिए।
- अल्ताफ, नई बस्ती
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