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हल्द्वानी में अब मकान बनाना महंगा

Sun, 21 May 2017 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 21 May 2017 01:18 AM IST
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Haldwani now expensive to build a house
प्रतीकात्मक तस्वीर (होम लोन) - फोटो : Yes Bank

हल्द्वानी काठगोदाम स्थानीय विकास प्राधिकरण की शनिवार को हुई बैठक में सबडिवीजन शुल्क की दर के साथ ही विकास शुल्क की दरें निर्धारित कर दी गईं। हल्द्वानी में सबडिवीजन शुल्क की दरें प्रदेश के अन्य स्थानों के मुकाबले सबसे न्यूनतम रखी गईं हैं। अवैध कालोनी बनाने और प्लाटिंग करने पर विकास प्राधिकरण सर्किल रेट का पांच प्रतिशत शुल्क जुर्माने के रूप में वसूल करेगा।

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अब तक विनियमित क्षेत्र में आवासीय भवन का नक्शा पास कराने पर नगर निगम क्षेत्र में आठ रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 12 रुपये विकास शुल्क देना पड़ता था। यह अब विकास प्राधिकरण में 35 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से वसूल किया जाएगा। विकास प्राधिकरण कार्यालय में भवनों के नक्शे सोमवार से जमा होने लगेंगे।   
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नगर निगम के सभागार में आयोजित हल्द्वानी काठगोदाम स्थानीय विकास प्राधिकरण की बैठक में जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि आवासीय और व्यवसायिक भवनों के मानचित्र 250 मीटर तक सचिव/ सिटी मजिस्ट्रेट विकास प्राधिकरण की ओर से ही स्वीकृत किए जाएंगे।
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इसके अलावा 250 मीटर से बडे़ नक्शे विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और जिलाधिकारी द्वारा मंजूर किए जाएंगे। बैठक में डीएम ने कहा कि क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार कराया जाए कि कोई भी बिना नक्शा स्वीकृति के आवासीय, व्यवसायिक, शैक्षिक भवनों का निर्माण न कराए और प्राधिकरण के बायलॉज के आधार पर ही भवनों का निर्माण कराएं।

उन्होंने कहा कि जो लोग विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आवासीय प्लाट खरीद रहे हैं वे हल्द्वानी विकास प्राधिकरण के नियमों की जानकारी प्राप्त कर लें। उन्होंने बताया कि जहां बिना ले आउट पास कराए अवैध रूप से कालोनियां काटकर भवन बनाए जा रहे हैं वहां सब डिवीजनल शुल्क पांच प्रतिशत नियमानुसार पर लिया जाएगा।

डीएम ने बताया कि यह शुल्क झील विकास प्राधिकरण में सात प्रतिशत, मसूरी- देहरादून विकास प्राधिकरण में 10 और हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में पांच प्रतिशत लिया जा रहा है। हल्द्वानी के लोगों पर अधिक भार न पड़े इसके लिए यह सबडिवीजन शुल्क न्यूनतम पांच प्रतिशत तय किया गया है।

चौधरी ने कहा कि नक्शे की स्वीकृति पर आवेदन शुल्क, सेस एवं विकास शुल्क शासन द्वारा निर्धारित दरों पर ही लिया जाएगा। महानगर के विकास कि लिए लगभग चार करोड की धनराशि को उत्तराखंड नगर आवास और विकास प्राधिकरण को वापस किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्राधिकरण अभी नया-नया अस्तित्व में आया है इसलिए प्राधिकरण से संबधित सभी जानकारियां नियम, कायदे कानून आम जनता तक पहुंचाने के लिए फ्लेक्सी और डिस्पले बोर्ड तैयार कर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाए। बैठक में प्राधिकरण के सचिव केके मिश्रा, सहयुक्त नियोजक शशी मोहन श्रीवास्तव, जेई एमएल आर्या, जेई मनोज सिंह आदि मौजूद रहे। 

नक्शा पास कराने के लिए ये देने होंगे शुल्क
- नक्शा आवेदन शुल्क (आवासीय) - 100 वर्ग मीटर तक के नक्शे के लिए 100 रुपये और 101 वर्ग मीटर से 200 वर्ग मीटर तक 200 रुपये। 

- नक्शा आवेदन शुल्क (व्यवसायिक) - 75 वर्ग मीटर तक के नक्शे के लिए 500 रुपये और इससे अधिक के नक्शे पर आवेदन शुल्क 5000 रुपये। 

0 विकास शुल्क (आवासीय भवन) - 35 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से देना होगा 

0 विकास शुल्क (व्यवसायिक भवन) - 200 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से देना होगा

0 विकास शुल्क ग्रुप हाउसिंग पर 75 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से 

0 विकास शुल्क औद्योगिक कार्य के भवन पर 100 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से


किराए के भवन में जल्द खुलेगा प्राधिकरण का दफ्तर

हल्द्वानी-काठगोदाम स्थानीय विकास प्राधिकरण के कार्यालय के लिए भवन तलाशने का काम चल रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि विकास प्राधिकरण के दफ्तर के लिए जमरानी कालोनी, अमृतपुर या गौलापार में कार्यालय के लिए भवन, भूमि चिन्हीकरण का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने प्राधिकरण के सचिव केके मिश्रा को निर्देशित किया कि तब तक प्राधिकरण का कार्यालय किराये के भवन में खोला जाए। इसके लिए तत्काल किराये के भवन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

कांपलेक्स में पार्किंग स्थल पर नहीं चलेगा व्यवसायिक कार्य

जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए हैं कि विकास प्राधिकरण क्षेत्र में जितने भी बडे़ कांपलेक्स बने हैं, वहां पार्किं ग के लिए छोड़े गए स्थान पर अन्य व्यवसायिक कार्य संचालित हो रहे हैं उन्हें चिन्हीकरण कर उन पर कार्रवाई की जाए।


उन्होंने कहा कि कार्रवाई से पूर्व कांपलेक्स स्वामियों के साथ वार्ता कर उन्हें अवगत करा दिया जाए कि स्वीकृत मानचित्र से इतर कार्य किए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्किंग में कोई भी अन्य व्यवसायिक कार्य नहीं होने दिया जाए। 

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