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ओलावृष्टि और बारिश ने बर्बाद कर दी खेतीबाड़ी

ब्यूरो/अमर उजाला, भीमताल/मुक्तेश्वर/धानाचूली Updated Sun, 05 Apr 2015 02:13 AM IST
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Hail and rain ruined the farming

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बेमौसमी बारिश से फल-सब्जियों को खासा नुकसान हुआ था, अब रही सही कसर शुक्रवार रात चले अंधड़ और शनिवार को दिन भर हुई बारिश ने पूरी कर दी। बारिश से खेतों में पानी भरने से आलू के बीज के सड़ने का खतरा पैदा हो गया है वहीं, फलों के पेड़ में आए फूल अधिक बारिश के कारण गलने लगे हैं।
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एक पखवाड़े से रुक-रुक कर बेमौसमी बारिश हो रही है। बारिश ऐसे समय में हो रही है, जबकि आड़ू, सेब, पुलम, खुमानी और नाशपाती के पेड़ों में बौर आया हुआ है। रामगढ़ और धारी ब्लाक में शनिवार तड़के आए अंधड़ से पेड़ों में आ रहे फल झड़ गए हैं और बौर को भी खासा नुकसान हुआ है। कई किसानों ने इसी हफ्ते खेतों में आलू का बीज लगाया है। शनिवार को हुई बारिश के बाद धारी और रामगढ़ ब्लाक के खेतों में पानी जमा हो गया है, जिससे बीच के खेत में ही सड़ने की आशंका पैदा हो गई है।


धारी ब्लाक के पद्मपुरी, धारी, कौल, धानाचूली, परबड़ा, चौखुटा, गजार, सुंदरखाल, लेटीबूंगा क्षेत्र में गेहूं और मटर की पौध खेत में ही पलट गई है। मटर की अधिकांश पौध काली पड़ गई है। नाशपाती और पुलम के पेड़ों में से अधिकांश फूल गिर गया है। किसान गंगा सिंह बिष्ट बताते हैं कि धानाचूली क्षेत्र में कई खेतों में पानी के स्रोत निकल आए हैं, जिससे आलू की फसल बर्बाद हो गई है।

रामगढ़ ब्लाक के नथुवाखान निवासी किसान गणेश आर्या बताते हैं कि मटर में फूल आया था और कुछ दिनों बाद फलियां लग जाती, लेकिन लगातार हुई बारिश से मटर के पौधे जमीन में गिर गए हैं और पत्तियां सड़ने लगी हैं। ऐसे में फलियां लगना मुश्किल है। अधिक नमी के कारण आड़ू में की पत्तियां लाल हो गई हैं।

धारी ब्लाक के परबड़ा गांव निवासी थान सिंह का कहना है कि सेब में फूल लगने के बाद फल की सेटिंग हो रही थी, लगातार बारिश होने से सेटिंग प्रभावित हुई है। खेतों में पानी भरने से आलू, मटर और गेहूं की फसल भी चौपट हो गई है।

धारी ब्लाक के बना गांव निवासी चंदन सिंह ने बताया कि पहले ओलावृष्टि होने से मटर एवं फलों के बगीचे बर्बाद हुए। उम्मीद थी कि आलू उत्पादन से नुकसान की भरपाई हो जाएगी, लेकिन खेतों में पानी भरने से लगता है कि आलू का बीज भी अब सड़ जाएगा। उन्होंने छह हजार रुपए क्विंटल में आलू का बीज खरीदा था, अब वह भी सड़ जाएगा तो घर में खाने के लाले पड़ जाएंगे।

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