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जिस गांव में सड़क नहीं, उस गांव की बेटी बनी आईएएस
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Thu, 12 May 2016 12:17 AM IST
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हल्द्वानी। यदि परिवार का सहयोग मिले और खुद में कुछ करने की ललक हो तो कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल हो जाता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया ओखलकांडा ब्लॉक की गुंजन ने। जिस गांव में आज तक सड़क नहीं बनी, उस गांव की बहू ने आईएएस बनकर देश में उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। बहू की इस सफलता पर परिवार से लेकर गांव में खुशी का माहौल है।
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नैनीताल जिले का ओखलकांडा ब्लाक दूरस्थ होने के साथ ही उपेक्षित रहा है। इसी ब्लाक में तुषराड़ गांव है। गांव तक पहुंचने के लिए लोगों को सड़क से चार किमी तक पैदल चलना पड़ता है। इसी गांव के सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक धनश्याम कफल्टिया और गीता कफल्टिया की बहू बनकर गुंजन शर्मा 2013 में आईं। गुंजन कहती हैं कि मेरे सास-ससुर और परिवार ने मुझे आगे पढ़ने और आईएएस बनने के लिए प्रेरित किया।
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उन्होंने बहू की जिम्मेदारी से भी मुझे मुक्त रखा। गुंजन पति हिमांशु के साथ ही आईएएस की परीक्षा में जुट गई। दूसरे प्रयास में ही गुंजन ने 217 रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की। गुंजन बताती हैं कि सफलता के पीछे पति हिमांशु की गाइडेंस भी काफी काम आई।
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गुंजन वर्तमान में एलआईसी में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर हैं, इससे पूर्व बैंक से जुड़ी कई परीक्षाओं में भी गुंजन ने बेहतर प्रदर्शन किया है। गुंजन ने हाईस्कूल निर्मला कान्वेंट, इंटर सेंटपॉल, बीएससी और एमएससी पंतनगर विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की। एमएससी में उन्हें मेरिट स्कॉलरशिप भी मिली।