Gurmit Singh: काकड़ीघाट पहुंचकर राज्यपाल ने इस मंदिर में की पूजा, लगाया ध्यान; ज्ञान वृक्ष का किया जलाभिषेक
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह बुधवार को परिवार के साथ काकड़ीघाट के कार्कटेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मंदिर में पूजा अर्चना कर देश एवं प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की।
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प्रदेश के राज्यपाल ले.जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह परिवार संग काकड़ीघाट पहुंचे और कार्कटेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने यहां स्थित ज्ञान वृक्ष का जलाभिषेक कर ध्यान भी लगाया। कहा कि हर जगह की अपनी अलग पहचान है। यहां आकर स्वामी विवेकानंद ने ध्यान लगाया था। मुझे खुशी है कि जिस वृक्ष के नीचे उन्होंने ध्यान लगाया उस वृक्ष को वैज्ञानिक तरीके से पुनर्जीवित किया गया है।
बुधवार को राज्यपाल के काकड़ीघाट पहुंचने पर डीएम विनीत तोमर, एसएसपी देवेंद्र पींचा ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कार्कटेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना कर ज्ञान वृक्ष (पीपल) का जलाभिषेक करते हुए यहां की जानकारी प्राप्त की। रामकृष्ण मिशन के ध्रुवेशानंद महाराज ने बताया कि स्वामी विवेकानंद ने अपनी यात्रा के दौरान 21 अगस्त 1890 को काकड़ीघाट में रात्रि विश्राम किया था।ये पढ़ें- Blood Donation: अमर उजाला के रक्तदान शिविर में बढ़-चढ़कर पहुंचे लोग, स्कूली बच्चों में भी दिखा जोश
राज्यपाल ने कहा कि यहां आकर स्वामी विवेकानंद के विचार, धारणा को जानने का मौका मिला जो उनके लिए गौरव की बात है। कहा आज हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती जल संरक्षण की है। कोसी नदी पूज्यनीय है इसको संरक्षित करने के प्रयास हो रहे हैं। आधे घंटे बाद वह कैंचीधाम को रवाना हुए। वहां पर एसएसजे विवि के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट, एडीएम सीएस मर्तोलिया, संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत वरुणा अग्रवाल, सीओ विमल प्रसाद, मंदिर समिति के अध्यक्ष हरीश चंद्र परिहार, कोषाध्यक्ष गोपाल सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
जंगलों को आग से बचाने के लिए अधिकारियों को करना होगा विश्लेषण
राज्यपाल ने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग गंभीर समस्या बन गई है, इससे तापमान में वृद्धि हो रही है। जंगलों की आग बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। कहा प्रदेश के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह इसका समाधान अपने स्तर से निकाले। जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग के अधिकारियों को भी इसका गहराई से विश्लेषण करना होगा। हमें इस प्रकार से मित्र बनाने पड़ेंगे जो आग लगने की सूचना तत्काल वन विभाग को दें, इससे समय रहते जंगल को सुरक्षित बचाया जा सके। जंगलों की आग पूरे विश्व के लिए चुनौती बन गई है। प्रदेश में जो इस गंभीर समस्या का समाधान निकालेगा वह पूरी दुनिया को रोशनी देगा।