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Nainital News: प्रभावितों का पुनर्वास करे सरकारः हरीश

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 31 Dec 2022 11:22 PM IST
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Government should rehabilitate the affected: Harish
देहरादून के लिए
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प्रभावितों का पुनर्वास करे सरकार : हरीश
बनभूलपुरा में रेलवे भूमि का मामला : पूर्व सीएम बोले- राज्य सरकार इसे मानवीय समस्या के तौर पर देखे
- दावा- हमने प्रदेश में मलिन बस्ती का शुरू किया था नियमितीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
हल्द्वानी। पूर्व सीएम हरीश रावत ने रेलवे भूमि के अतिक्रमण के मामले में बयान जारी कर कहा कि पुराने समय से रह रहे लोगों का पुनर्वास किया जाना जरूरी है। कहा कि सरकार योजनाबद्ध तरीके से इनका पुनर्वास कर सकती है।
रावत ने कहा कि हल्द्वानी में जो लोग 60 से 70 वर्षों से रह रहे हैं। उन घरों को तोड़ने का आदेश न्यायालय की ओर से हो गया है। हल्द्वानी के विधायक सुमित हृदयेश और अन्य प्रबुद्ध लोग सुप्रीम कोर्ट में निवेदन करने जा रहे हैं। वह राज्य सरकार से निवेदन करते हैं कि यह मानवीय समस्या है। इसे केवल कानूनी या राजनीति समस्या के तौर पर न देखा जाए।
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उन्होेंने कहा कि हमारी सरकार ने बस्तियों के लिए मलिन बस्ती नियमितीकरण कानून बनाया था। विधानसभा में इसे सर्वसम्मति से पारित भी किया गया था। इसके आगामी चरण में हमने 34,000 घर बनाने का लक्ष्य रखा और रुद्रपुर से इसका शिलान्यास भी किया। रावत ने कहा कि रिवर फ्रंट डेवलपमेंट का काम भी शुरू किया गया। रिवर फ्रंट के तहत देहरादून में दो से तीन किमी का काम पूरा भी हुआ। हमारी कोशिश थी कि कुछ जगहों पर बहुमंजिला भवन बनाएं और कुछ खाली जगहों पर पार्क और अन्य सामाजिक सुविधाओं वाली योजनाएं बनाएं।
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पूर्व सीएम ने कहा कि सरकार परिवर्तन के साथ यह मामला पूरी तरह से ठप हो गया और सरकार ने केवल एक उद्देश्य बना लिया कि इन लोगों को केवल हटाया जाए और प्रयोग के तौर पर हल्द्वानी को छांट लिया।
जाड़े में छत टूटेगी तो कहां जाएंगे : रावत
हल्द्वानी। पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि बनभूलपुरा में रहने वालों के घरों के टूटने का खतरा मंडरा रहा है। अब जाड़े में छत टूटेगी तो लोग कहां जाएंगे। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान यह है कि रेलवे को जितनी भूमि चाहिए, उनकी भूमि निकाली जा सकती है। गौला के किनारे रिवर फ्रंट के तौर पर डेवलप करके प्रभावित लोगों को बसा सकते हैं। अगर यह अतिक्रमण है तो इस पर पहले से ही कार्रवाई होनी चाहिए। पुराने लोगों का पुनर्वास होना ही चाहिए। पूर्व सीएम ने कहा कि पुनर्वास के लिए मुख्यमंत्री केवल एक कार्यशील पूंजी दें। बाकी की पूंजी तो इन्हीं जमीनों से निकल आएगी। इस योजना के तहत लोगों का पुनर्वास भी कर सकते हैं और बाकी बची जमीन पर किए गए विकास कार्यों से हल्द्वानी को सुंदर भी बना सकते हैं।
फोटो
राज्य सरकार ने अपनी ही जमीन की मजबूत पैरवी नहीं की : भुल्लर
- बोले- कुछ लोग दूसरे के घरों के उजड़ने पर मनाते हैं उत्सव
संवाद न्यूज एजेंसी
हल्द्वानी। यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर का शनिवार को नैनीताल रोड स्थित एक रेस्टारेंट में युवा कांग्रेसियों ने स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से वार्ता भी की। उन्होंने बनभूलपुरा के मुद्दे पर कहा कि रेलवे जहां तक अपनी जमीन बता रहा है, वहां राज्य सरकार के कई सरकारी स्कूल, अस्पताल और बैंक हैं। लोगों के पास जमीनों की दाखिल-खारिज तक के दस्तावेज हैं। इसके बावजूद केवल राजनीति के लिए सरकार ने अपनी ही जमीन पर दावा छोड़ दिया।
भुल्लर ने कहा कि ये इस तरह का देश में पहला मामला है, जहां राज्य सरकार ने अपनी ही जमीन को छोड़ दिया और उसकी मजबूत पैरवी ही नहीं की। राज्य सरकार को पूर्व में कोर्ट में दिए गए शपथ पत्र के अनुसार राज्य सरकार और रेलवे को संयुक्त तौर पर बस्ती का सीमांकन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पहले यह मामला केवल ढोलक बस्ती में 29 एकड़ तक था फिर अचानक रेलवे ने अपनी जमीन का सीमांकन बनभूलपुरा और इंदिरानगर तक बढ़ा दिया। कहा कि यह दु:ख की बात है कि हमारे समाज में ऐसे लोग भी हैं जो लोगों के घर उजड़ने पर उत्सव मना रहे हैं। ऐसे लोग समाज विरोधी हैं। इस दौरान यूथ कांग्रेस उपाध्यक्ष मीमांशा आर्या, हेमंत साहू, मोकिन सैफी, राजेंद्र बिष्ट आदि थे।
पार्षद ने सीएम को भेजा खून से लिखा पत्र
सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
हल्द्वानी। पार्षद रोहित कुमार ने अपने खून से पत्र लिखकर सीएम पुष्कर सिंह धामी को भेजा। उन्होंने रेलवे की जद में आ रहे अतिक्रमण को तोड़ने से पहले प्रभावितों को दूसरी जगह बसाने की मांग की है। उधर, भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को पत्र भेजा है।
शनिवार को भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष नफीस अहमद खान के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह के माध्यम से राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को ज्ञापन भेजे गए। उन्होंने बनभूलपुरा में रेलवे अतिक्रमण ध्वस्तीकरण के मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
इस दौरान नगर अध्यक्ष विकास कुमार, सिराज अहमद, नफीस अहमद खान, अलीम खान, विनोद कुमार, जीतू, असलम खान, जसवंत सिंह जंगपांगी, मो. अशफाक, हरीश लोधी, अहमद अली आदि मौजूद रहे। इधर, पार्षद लईक कुरैशी ने स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को ज्ञापन देकर प्रभावित परिवारों को विस्थापित करने की मांग की है।
बनभूलपुरा में ध्वस्तीकरण प्रक्रिया पर लगे रोक
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा
रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा में ध्वस्तीकरण प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग को लेकर एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।

उपपा के जिला महासचिव लालमणि के नेतृत्व में सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा गया कि बनभूलपुरा के हजारों लोगों को उजाड़ा जा रहा है। बनभूलपुरा बस्ती के 50 हजार लोगों की पुनर्वास व्यवस्था किए बिना ध्वस्त करने की योजना पर तत्काल रोक लगाई जाए। कहा कि पीएम वर्ष 2022 के अंत तक देश के सभी बेघर परिवारों को पेयजल, बिजली कनेक्शन और रसोई गैस की सुविधायुक्त घर देने की घोषणा करते हैं। दूसरी ओर सरकारें लोगों से उनकी छत छीन रही है। संवाद
फोटो संख्या 31आरएनआर03पी - रामनगर में एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन देते उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के सदस्य।
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