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हाईकोर्ट के आदेश के बाद मिला दस लाख का मुआवजा
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प्रतीकात्मक फोटो
नैनीताल। हाईकोर्ट के आदेश के बाद कई वर्षों के बाद मृतक के आश्रितों को 10 लाख का मुआवजा मिल सका।
न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार पूजा आर्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि स्थानीय निकाय चुनाव ड्यूटी 2012-13 के दौरान उसके पति शिक्षक जगदीश राम की भवाली में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।
चुनाव आयोग के नियमानुसार चुनाव ड्यूटी में मौत होने पर चुनाव कार्मिक के परिजनों को दस लाख का मुआवजा देना होता है लेकिन कई वर्षों के बाद भी यह मुआवजा नहीं दिया गया। पूर्व में कोर्ट ने सुनवाई के बाद सचिव शहरी विकास को दो सप्ताह के भीतर मुआवजा राशि का भुगतान करने को कहा था। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद शासन ने मुआवजा राशि का भुगतान किया है।
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न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार पूजा आर्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि स्थानीय निकाय चुनाव ड्यूटी 2012-13 के दौरान उसके पति शिक्षक जगदीश राम की भवाली में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।
चुनाव आयोग के नियमानुसार चुनाव ड्यूटी में मौत होने पर चुनाव कार्मिक के परिजनों को दस लाख का मुआवजा देना होता है लेकिन कई वर्षों के बाद भी यह मुआवजा नहीं दिया गया। पूर्व में कोर्ट ने सुनवाई के बाद सचिव शहरी विकास को दो सप्ताह के भीतर मुआवजा राशि का भुगतान करने को कहा था। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद शासन ने मुआवजा राशि का भुगतान किया है।
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