{"_id":"5f31b0728ebc3e3cc10e938d","slug":"geological-survey-of-lower-mall-road-necessary-before-treatment-kotlia-nainital-news-hld3929615132","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रीटमेंट से पहले लोअर मॉल रोड का भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण जरूरी : कोटलिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रीटमेंट से पहले लोअर मॉल रोड का भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण जरूरी : कोटलिया
विज्ञापन
नैनीताल की लोअर मालरोड का निरीक्षण करते लोनिवि के अधिकारी।
- फोटो : NAINITAL
नैनीताल। भूगर्भ वैज्ञानिक प्रो. बीएस कोटलिया का कहना है कि लोअर माल रोड का ट्रीटमेंट कराने से पहले उसका भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराया जाना जरूरी है। बिना भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के लोअर माल रोड का ट्रीटमेंट नहीं हो सकता। प्रो. कोटलिया सोमवार को लोनिवि अधिकारियों के साथ लोअर माल रोड का निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान प्रो. कोटलिया ने कहा कि लोअर माल रोड पर हुए भू-कटाव को रोकने के लिए सबसे पहले सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद करनी पड़ेगी, क्योंकि वाहनों की आवाजाही से सड़क पर दबाव पड़ रहा है। जमीनी स्तर पर लोअर माल रोड का सर्वे करने की जरूरत है। उन्होंने लोनिवि अधिकारियों को ट्रीटमेंट से पहले क्षेत्र का सीबीआर, ओएमसी और नाला डायवर्जन पर काम करने की राय दी। लोनिवि के एई गोविंद सिंह जनौटी ने बताया कि लोअर माल रोड में 190 मीटर क्षेत्र का ट्रीटमेंट होना है। इसके भीतर ब्रिटिशकालीन पांच बरसाती नाले हैं। कहा कि भूगर्भवेत्ताओं की राय लेते हुए क्षेत्र की स्थिति को जाना जा रहा है। इसके बाद लोअर माल रोड का स्थायी ट्रीटमेंट किया जाएगा। यहां टीम में सहायक भूगर्भ वैज्ञानिक प्रिया जोशी, जेई महेंद्र पाल आदि रहे।
2018 में दरकी थी माल रोड
नैनीताल। अगस्त 2018 में मूसलाधार बारिश के कारण लोअर माल रोड का बड़ा हिस्सा दरककर झील में समा गया था, इसके बाद लंबे समय तक यातायात ठप रहा था, हालांकि बाद में विभाग ने रेत के कट्टे लगाकर किसी तरह यातायात सुचारु कराया, लेकिन स्थायी ट्रीटमेंट अब तक नहीं हुआ है। यह स्थिति तब है जब डीएम से लेकर कमिश्नर तक इसका निरीक्षण कर चुके हैं।
विज्ञापन
2018 में दरकी थी माल रोड
नैनीताल। अगस्त 2018 में मूसलाधार बारिश के कारण लोअर माल रोड का बड़ा हिस्सा दरककर झील में समा गया था, इसके बाद लंबे समय तक यातायात ठप रहा था, हालांकि बाद में विभाग ने रेत के कट्टे लगाकर किसी तरह यातायात सुचारु कराया, लेकिन स्थायी ट्रीटमेंट अब तक नहीं हुआ है। यह स्थिति तब है जब डीएम से लेकर कमिश्नर तक इसका निरीक्षण कर चुके हैं।
विज्ञापन