{"_id":"603aae5e8ebc3e76a1220919","slug":"friend-police-s-condition-officers-did-not-even-look-up-to-the-table-after-four-deaths-haldwani-news-hld4164229175","type":"story","status":"publish","title_hn":"मित्र पुलिस का हाल : चार मौतों के बाद भी झांकने तक नहीं आए अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मित्र पुलिस का हाल : चार मौतों के बाद भी झांकने तक नहीं आए अफसर
विज्ञापन
हल्द्वानी। अमूमन बड़े सड़क हादसे की जानकारी लेने के लिए पुलिस अधिकारी घटनास्थल और अस्पताल पहुंच जाते हैं लेकिन शनिवार को एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के बाद भी कोई पुलिस अधिकारी अस्पताल में झांकने तक नहीं आया। भीड़ सुरक्षाकर्मियों को ढकेलते हुए अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में घुस गई थी।
लालकुआं रोड पर दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर कांग्रेस नेता अब्दुल मतीन सिद्दीकी के भाई जावेद अपने दोस्तों के साथ गए। वहां स्थानीय लोग कार से घायलों को निकालने में जुटे थे लेकिन स्थानीय पुलिस नदारद थी। इस बीच रास्ते से गुजर रहे आरटीओ रोड चौकी प्रभारी निर्मल सिंह लटवाल और मनोज ने घायलों को निकालने में मदद की। जावेद का कहना था कि स्थानीय पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी।
अस्पताल में घायलों को देखने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। चीख पुकार के चलते अस्पताल करुण क्रंदन से गूंज उठा। अस्पताल के कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने आपातकालीन कक्ष का दरवाजा बंद करने का प्रयास किया लेकिन भीड़ अंदर घुस गई। अंदर डॉक्टरों और नर्सों का काम करना मुश्किल हो गया। काफी देर बाद कोतवाली थाने के एक दरोगा अस्पताल पहुंचे। दरोगा ने भीड़ को हटने का अनुरोध किया लेकिन कोई सुनने के लिए तैयार नहीं था। दो घंटे बाद कोतवाली थाने की पुलिस अस्पताल पहुुंची।
विज्ञापन
आसमां की पांच माह पहले हुई थी शादी
ठेकेदार शाहिद रजा और उसका परिवार सगाई में शामिल होने के बाद हंसी खुशी घर लौट रहा था लेकिन काल ने ऐसा खेल खेला कि एक ही परिवार के चार सदस्य दुनिया से चले गए। शाहिद काफी व्यवहारिक थे। सपा नेता शुएब अहमद का कहना है कि शाहिद रजा सपा के कार्यकर्ता थे। सड़क हादसे में घायल हुए राशिद की आसमां से दूसरी शादी थी, जो पांच माह पहले लॉकडाउन में ही हुई थी। पांच साल पहले राशिद की पहली पत्नी से तलाक हुआ था। वह शादी भी केवल पांच महीने चल पाई थी। अब पांच महीने बाद दूसरी पत्नी भी हादसे का शिकार हो गई। शाहिद के बड़े भाई शाकिर परिवार के सदस्यों को देखकर रोते-रोते बदहवास हो गए। अस्पताल के अंदर और बाहर करीबी शवों को देखकर रोते-रोते गिर जा रहे थे। सभी की आंखें नम थीं। क्षेत्र के रोमी वारसी रोते हुए परिवार के सदस्यों को संभालने में जुटे थे।
विज्ञापन
लालकुआं रोड पर दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर कांग्रेस नेता अब्दुल मतीन सिद्दीकी के भाई जावेद अपने दोस्तों के साथ गए। वहां स्थानीय लोग कार से घायलों को निकालने में जुटे थे लेकिन स्थानीय पुलिस नदारद थी। इस बीच रास्ते से गुजर रहे आरटीओ रोड चौकी प्रभारी निर्मल सिंह लटवाल और मनोज ने घायलों को निकालने में मदद की। जावेद का कहना था कि स्थानीय पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी।
विज्ञापन
अस्पताल में घायलों को देखने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। चीख पुकार के चलते अस्पताल करुण क्रंदन से गूंज उठा। अस्पताल के कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने आपातकालीन कक्ष का दरवाजा बंद करने का प्रयास किया लेकिन भीड़ अंदर घुस गई। अंदर डॉक्टरों और नर्सों का काम करना मुश्किल हो गया। काफी देर बाद कोतवाली थाने के एक दरोगा अस्पताल पहुंचे। दरोगा ने भीड़ को हटने का अनुरोध किया लेकिन कोई सुनने के लिए तैयार नहीं था। दो घंटे बाद कोतवाली थाने की पुलिस अस्पताल पहुुंची।
विज्ञापन
आसमां की पांच माह पहले हुई थी शादी
ठेकेदार शाहिद रजा और उसका परिवार सगाई में शामिल होने के बाद हंसी खुशी घर लौट रहा था लेकिन काल ने ऐसा खेल खेला कि एक ही परिवार के चार सदस्य दुनिया से चले गए। शाहिद काफी व्यवहारिक थे। सपा नेता शुएब अहमद का कहना है कि शाहिद रजा सपा के कार्यकर्ता थे। सड़क हादसे में घायल हुए राशिद की आसमां से दूसरी शादी थी, जो पांच माह पहले लॉकडाउन में ही हुई थी। पांच साल पहले राशिद की पहली पत्नी से तलाक हुआ था। वह शादी भी केवल पांच महीने चल पाई थी। अब पांच महीने बाद दूसरी पत्नी भी हादसे का शिकार हो गई। शाहिद के बड़े भाई शाकिर परिवार के सदस्यों को देखकर रोते-रोते बदहवास हो गए। अस्पताल के अंदर और बाहर करीबी शवों को देखकर रोते-रोते गिर जा रहे थे। सभी की आंखें नम थीं। क्षेत्र के रोमी वारसी रोते हुए परिवार के सदस्यों को संभालने में जुटे थे।