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एक फीट की दीवार हटाने में चार घंटे का बखेड़ा
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हल्द्वानी राजपुरा टनकपुर रोड पर अतिक्रमण हटाने के दौरान मौजूद पुलिस बल। अमर उजाला
हल्द्वानी। टनकपुर रोड पर राजपुरा में नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने गई तो हंगामा हो गया। एक फीट ऊंची और 10 मीटर चौड़े अतिक्रमण हटाने में चार घंटे लग गए। आरोप है कि अतिक्रमणकारियों के पक्ष में आए वकीलों की नगर निगम के अधिकारियों के साथ बहस हो गई। वकीलों और पार्षद के बीच धक्कामुक्की तक हो गई। बात हाथापाई तक जा पहुंची। भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में नगर निगम की टीम तब अतिक्रमण हटा पाई जब पार्षद धरने पर बैठे।
बुधवार को सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस फोर्स के साथ सुबह 10 बजे टनकपुर रोड पहुंचे। उन्होंने अतिक्रमणकारी को नक्शा दिखाते हुए कहा कि जिस जमीन में अतिक्रमण किया जा रहा है वह नजूल की है और यहां पर सड़क है। उन्होंने दीवार तुरंत हटाने को कहा।
उधर, शबाना खान ने इसे अपनी जमीन बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने अपने समर्थन में हल्द्वानी के एक दर्जन से अधिक वकीलों को बुला लिया। वकीलों ने जमकर हंगामा करते हुए नगर निगम से जमीन के कागजात दिखाने की मांग की। पार्षद महेश चंद ने वकीलों को समझाने का प्रयास किया। इसी बीच पार्षद और वकीलों की धक्कामुक्की होने लगी। किसी तरह पुलिस कर्मियों ने पार्षद को बचाया। भारी को देखते हुए विजेंद्र चौहान ने नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय को घटना स्थिति से अवगत कराया। साथ ही अतिरिक्त पुलिस फोर्स मांगी।
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नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने सिटी मजिस्ट्रेट को फोन कर राजस्व विभाग की टीम और पुलिस फोर्स भेजने को कहा। बाद में एसएसआई मंगल सिंह के नेतृत्व में और पुलिस बल पहुंचा लेकिन वकील अपनी बात पर अड़े रहे। दबाव के बीच करीब साढ़े तीन घंटे बाद नगर निगम की टीम लौटने लगी कि पार्षद महेश चंद धरने पर बैठ गए। उन्होंने अतिक्रमण नहीं तोड़े जाने तक धरने पर बैठे रहने की चेतावनी दी। उनके नेतृत्व में अन्य लोग भी धरने पर बैठ गए। इसके बाद सहायक नगर आयुक्त ने दीवार को तोड़ दिया।
नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी मूकदर्शक बने रहे
हल्द्वानी। वकीलों ने अतिक्रमण हटाने के दौरान जमकर हंगामा किया। वे बिना नापजोख के अतिक्रमण तोड़े जाने का विरोध करने लगे। हाल यह था कि वकीलों के सामने प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। जब पार्षद धरने पर बैठे तब अतिक्रमण तोड़ा गया।
शबाना खान सड़क पर अतिक्रमण कर दीवार बना रही थीं। पार्षद और लोगों की ओर से शिकायत की गई थी। यह जमीन नगर निगम के अभिलेखों में नजूल भूमि है। साथ ही यह सड़क है लेकिन शबाना खान यह मानने को तैयार नहीं थीं। उन्होंने अपने समर्थन में वकीलों को बुला लिया। वकीलों ने जमकर हंगामा किया और अपशब्द का भी प्रयोग किया। चार घंटे बाद अतिक्रमण तोड़ दिया गया।
-विजेंद्र चौहान सहायक नगर आयुक्त
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बुधवार को सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस फोर्स के साथ सुबह 10 बजे टनकपुर रोड पहुंचे। उन्होंने अतिक्रमणकारी को नक्शा दिखाते हुए कहा कि जिस जमीन में अतिक्रमण किया जा रहा है वह नजूल की है और यहां पर सड़क है। उन्होंने दीवार तुरंत हटाने को कहा।
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उधर, शबाना खान ने इसे अपनी जमीन बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने अपने समर्थन में हल्द्वानी के एक दर्जन से अधिक वकीलों को बुला लिया। वकीलों ने जमकर हंगामा करते हुए नगर निगम से जमीन के कागजात दिखाने की मांग की। पार्षद महेश चंद ने वकीलों को समझाने का प्रयास किया। इसी बीच पार्षद और वकीलों की धक्कामुक्की होने लगी। किसी तरह पुलिस कर्मियों ने पार्षद को बचाया। भारी को देखते हुए विजेंद्र चौहान ने नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय को घटना स्थिति से अवगत कराया। साथ ही अतिरिक्त पुलिस फोर्स मांगी।
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नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने सिटी मजिस्ट्रेट को फोन कर राजस्व विभाग की टीम और पुलिस फोर्स भेजने को कहा। बाद में एसएसआई मंगल सिंह के नेतृत्व में और पुलिस बल पहुंचा लेकिन वकील अपनी बात पर अड़े रहे। दबाव के बीच करीब साढ़े तीन घंटे बाद नगर निगम की टीम लौटने लगी कि पार्षद महेश चंद धरने पर बैठ गए। उन्होंने अतिक्रमण नहीं तोड़े जाने तक धरने पर बैठे रहने की चेतावनी दी। उनके नेतृत्व में अन्य लोग भी धरने पर बैठ गए। इसके बाद सहायक नगर आयुक्त ने दीवार को तोड़ दिया।
नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी मूकदर्शक बने रहे
हल्द्वानी। वकीलों ने अतिक्रमण हटाने के दौरान जमकर हंगामा किया। वे बिना नापजोख के अतिक्रमण तोड़े जाने का विरोध करने लगे। हाल यह था कि वकीलों के सामने प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। जब पार्षद धरने पर बैठे तब अतिक्रमण तोड़ा गया।
शबाना खान सड़क पर अतिक्रमण कर दीवार बना रही थीं। पार्षद और लोगों की ओर से शिकायत की गई थी। यह जमीन नगर निगम के अभिलेखों में नजूल भूमि है। साथ ही यह सड़क है लेकिन शबाना खान यह मानने को तैयार नहीं थीं। उन्होंने अपने समर्थन में वकीलों को बुला लिया। वकीलों ने जमकर हंगामा किया और अपशब्द का भी प्रयोग किया। चार घंटे बाद अतिक्रमण तोड़ दिया गया।
-विजेंद्र चौहान सहायक नगर आयुक्त