वन ग्रामीणों ने शहर में निकाला मशाल जुलूस
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वन ग्राम का राजस्व ग्राम घोषित करने समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर वन ग्रामीणों ने रविवार की देर रात शहर में विशाल मशाल जुलूस निकाला। ग्रामीणों ने इससे पहले तहसील परिसर रामनगर में सातवें दिन भी अनिश्चिकालीन धरने को जारी रखा।
वन ग्राम संघर्ष समिति के बैनर तले रात्री 7 बजे लखनपुर चौक से शुरू हुए मशाल जुलूस में 24 ग्रामीणों के चार सौ से अधिक ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया। रानीखेत रोड़, कोसी रोड़, मुख्य बाजार होते हुए जुलूस पुन: तहसील में संपन्न हुआ। कांग्रेस अनुसूचित जाति जनजाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष एसलाल ने बताया प्रदर्शनकारियों को अभी तक सरकार या प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई संतोष जनक जवाब नही दिया है। जिस कारण अनिश्चिकालीन धरने के बाद रविवार को नगर में मशाल जुलूूस निकाला गया। उन्होंने बताया धरना अभी आगे भी जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने कहा सरकार जल्द ग्रामीणों की समस्या का समाधान करे अन्यथा ग्रामीण इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। जुलूस में कुबेर राम, रमेश चंद्र, गोपाल शर्मा, बलवंत राम, खड़क राम, प्रेम राम, गोपाल राम, जगत राम, चंद्र राम, कुंदन राम, राजा राम, हरीराम, मोहन प्रसाद, जितेश टम्टा, हरीश पंचवाल, ललित कडाकोटी, तुलसी देवी, खष्टी जोशी, कमल देवी आदि मौजूद थे।
तहसील परिसर में आंदोलनरत ग्रामीणों को सल्ट के पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत एवं ब्लाक प्रमुख संजय नेगी ने समर्थन दिया। कहा उनकी समस्याओं के समाधान के लिये जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात की जायेगी।
पूर्व विधायक रावत ने ग्रामीणों को सांत्वना देते हुए कहा उनका प्रदर्शन करना लाजमी है, सरकार ने अभी तक वन ग्रामीणों की आवाजों की अनदेखी की है जो गंभीर मुद्दा है। वहीं ब्लाक प्रमुख संजय नेगी ने कहा आजादी के बाद से वन ग्रामीणों को मौलिक अधिकार से वंचित रखा गया है। इसके निस्तारण के लिये सीएम से वार्ता की जायेगी।