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तीनपानी से मंडी सड़क चौड़ीकरण पर वन विभाग का अड़ंगा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 30 May 2022 12:27 AM IST
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Forest Department's obstacle on the widening of Mandi road from Teenpani
हल्द्वानी/रामनगर/नैनीताल। हल्द्वानी में तीनपानी से लेकर मंडी तक टू लेन सड़क का चौड़ीकरण कर फोरलेन करने की प्रस्तावित योजना में वन विभाग ने पेच फंसा दिया है। वन विभाग ने इस जमीन को संरक्षित वन क्षेत्र बताते हुए लोनिवि से भू हस्तांतरण करने के लिए कहा है। इससे सड़क चौड़ीकरण का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। वहीं रामनगर में धनगढ़ी और पनोद नाले में पुलों का निर्माण कार्य 18 महीने में भी पूरा नहीं हो पाया। धीमी गति से चल रहे इस निर्माण कार्य से इस बरसात के सीजन में भी लोगों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ सकती है। इधर, नैनीझील और झील के चारों ओर नालों के रखरखाव के लिए सिंचाई विभाग को सालाना मिलने वाला करीब सवा करोड़ रुपये का बजट मिलना बंद हो गया है। इससे विभाग के सामने नैनी झील और नालों के रखरखाव की समस्या उत्पन्न हो गई है।
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हल्द्वानी। तीनपानी से लेकर मंडी तक टू लेन सड़क का चौड़ीकरण कर फोरलेन करने की प्रस्तावित योजना में वन विभाग ने पेच फंसा दिया है। वन विभाग ने इस जमीन को संरक्षित वन क्षेत्र बताते हुए लोक निर्माण विभाग से भू हस्तांतरण करने के लिए कहा है। दूसरी तरफ लोनिवि ने इसे राजस्व की भूमि बताया है। राजस्व क्षेत्र से इसके प्रपत्र ढूंढे जा रहे हैं।
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तीनपानी से मंडी तक सड़क चौड़ीकरण प्रस्तावित है। यूटिलिटि हस्तांतरण के लिए शासन ने लोक निर्माण विभाग को प्रथम चरण में 1.10 करोड़ रुपये भी मिल गए। छह महीने से यह कार्यवाही चल रही है। वन विभाग, लोनिवि, ऊर्जा निगम, जलसंस्थान ने संयुक्त सर्वे भी कर लिया है। सड़क चौड़ीकरण में विभिन्न प्रजातियों के 200 पेड़ आ रहे थे। वन विभाग ने इनका छपान भी पूरा कर दिया है।
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अब वन विभाग ने इस जमीन को संरक्षित वन क्षेत्र बताते हुए भूमि हस्तांतरण करने के लिए लोनिवि से कहा है। तब तक इस सड़क पर चौड़ीकरण का काम नहीं होगा। लोनिवि के अधिशासी अभियंता अशोक चौधरी ने बताया कि वन विभाग ने इसे संरक्षित क्षेत्र बताते हुए इस पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि इससे सड़क चौड़ीकरण का काम अटक गया है।
ट्रैफिक बढ़ा तो सड़क चौड़ीकरण की पड़ गई जरूरत
हल्द्वानी। रुद्रपुर से तीनपानी-गौलापार होते हुए नरीमन तिराहे तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। मंडी से लेकर काठगोदाम तक सड़क फोरलेन है लेकिन तीनपानी से लेकर मंडी तक करीब दो किमी क्षेत्र की सड़क ही टू लेन है। इस कारण यहां पर बार-बार जाम लगता है। इसे देखते हुए लोनिवि ने इस भाग का चौड़ीकरण करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था जिसे मंजूरी मिल चुकी है।
10 महीने बीते अभी तक खर्च नहीं हो पाया बजट
हल्द्वानी। तीनपानी से मंडी तक सड़क चौड़ीकरण से पूर्व बिजली और पेयजल लाइनें शिफ्ट करने के लिए शासन से एक करोड़ की धनराशि जुलाई 2021 में मिल चुकी थी। तब से वन विभाग ने पेड़ों का कटान नहीं किया। अब संरक्षित वन क्षेत्र बताकर पेड़ काटने से मना कर दिया है।
ऐसी होगी सड़क
हल्द्वानी। तीनपानी से मंडी तक सड़क 14 मीटर चौड़ी होगी। इसके बीच में एक मीटर अलग से डिवाइडर भी होगा। इससे सड़क की कुल चौड़ाई 15 मीटर हो जाएगी। सड़क के किनारे की नहर को प्रीकास्ट स्लैब डालकर कवर किया जाएगा। इसके उपर टाइल लगाकर फुटपाथ बनाया जाएगा।
कोट -
तीनपानी से मंडी तक की सड़क के एक ओर संरक्षित वन क्षेत्र है। लोनिवि को संरक्षित वन क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण से पहले जमीन हस्तांतरित करानी होगी। इसके बाद ही यहां सड़क बन सकती है। - उमेश आर्या, वन क्षेत्राधिकारी, हल्द्वानी रेंज
कोट
सड़क के दोनों ओर राजस्व भूमि होने के कारण ये भूमि संरक्षित वन क्षेत्र में नहीं आ सकती है। राजस्व विभाग से इस संबंध में भू-अभिलेख निकाले जा रहे हैं जिन्हें वन विभाग के सामने रखा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। - अशोक चौधरी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि
नैनीताल। नैनीझील और उसके चारों ओर नालों के रखरखाव के लिए सिंचाई विभाग को सालाना मिलने वाला करीब सवा करोड़ रुपये का बजट मिलना बंद हो गया है। विभाग के सामने नैनी झील और नालों के रखरखाव की समस्या हो गई है। विभाग पूर्व में कराई गई नालों की सफाई का भुगतान भी ठेकेदार को नहीं कर सका है।
सिंचाई विभाग को प्रतिवर्ष नैनी झील व नालों के रखरखाव के लिए शासन से लगभग सवा करोड़ रुपये का बजट मिलता था। वर्ष 2021 से विभाग से यह बजट मिलना बंद हो गया है। इस वजह से झील और नालों का रखरखाव करना विभाग के लिए चुनौती बन गया है। सिंचाई विभाग के ईई केएस चौहान ने बताया कि नैनी झील और नालों की देखरेख के लिए जारी होने वाला बजट बंद होने से दिक्कतें हो रही हैं। शासन से मिलने वाले सवा करोड़ रुपये के बजट से साढ़े तीन किमी परिधि में झील की दीवारें व लगभग 40 किलोमीटर लंबे 62 नालों का रखरखाव किया जाता था। बजट न मिलने के कारण अब झील व नालों के रखरखाव में दिक्कतें आ रही हैं। पिछले साल ठेकेदारों से झील और नालों की मरम्मत व सफाई आदि कराई गई थी। बजट के अभाव में अभी तक ठेकेदारों का यह भुगतान नहीं हुआ है।

नैनीताल। नगर में कई जगह नालों में जाली लगाने के बाद भी लोग बेकार निर्माण सामग्री और मिट्टी आदि चोरी छिपे नालों में फेंक रहे हैं। बजट की कमी के चलते विभाग नालों की सफाई नहीं करा पा रहा। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता डीडी सती ने बताया कि पहले नालों में पत्ते व मिट्टी की गाद आदि की आसानी से सफाई हो जाती थी। पिछले काफी समय से लोग नालों में बेकार पड़ी निर्माण सामग्री आदि भी फेंक रहे हैं। बजट न मिलने के कारण साफ नहीं करा पा रहे हैं। (संवाद)
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