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Haldwani News: हाईवे पर वन विभाग की चेतावनी, कहा- धीरे चले...ब्रिडकुल कहता है- तेंदुए की रफ्तार से दौड़ें

Thu, 12 Dec 2024 11:21 AM IST
हीरा मेहरा दीपक कापड़ी, संवाद
दीपक कापड़ी, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 12 Dec 2024 11:21 AM IST
सार

तेज विकास के बदले मायनों में जानवरों की सुरक्षा भी भुला दी गई है। तभी तो हाईवे बना रहे ब्रिडकुल ने जंगल के बीच से निकल रही सड़क पर 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से वाहन दौड़ाने के लिए इजाजत दे रखी है।

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forest department has installed slow moving boards on the highway in haldwani
रुद्रपुर-हल्द्वानी हाईवे पर 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार का लगा साइनेज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाईवे बना रहे ब्रिडकुल ने जंगल के बीच से निकल रही सड़क पर 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से वाहन दौड़ाने के लिए इजाजत दे रखी है। वहीं वन विभाग जगह-जगह साइनेज बोर्ड लगाकर कहता आ रहा है-धीरे चलें। यानी 20 की स्पीड रखें। जंगलों में मानकों के अनुसार गति सीमा का पालन न होने से नैनीताल जिले में राज्य बनने से अभी तक 25 हाथियों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा बाघ, तेंदुआ, हिरन सहित कई अन्य बे-जुबान जानवर ओवरस्पीड वाहनों की चपेट में आकर मर चुके हैं। यह बड़ी संख्या है। वन विभाग के अनुसार जिन स्थानों से वन्यजीव अक्सर गुजरते हैं, वहां पर वाहनों की रफ्तार 20 किमी प्रति घंटा होनी चाहिए। इसके बावजूद उन स्थानों पर सड़क निर्माण एजेंसियों ने 60 से 80 किमी प्रतिघंटा रफ्तार के साइनेज लगा दिए हैं।

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इसी वर्ष अक्तूबर माह में रामपुर हाईवे पर बेलबाला मंदिर से कुछ दूरी पर हरियाणा डिपो की तेज रफ्तार बस की टक्कर से एक मादा हाथी की मौत हो गई थी। इसी सड़क पर एक बाघ भी वाहन वाहन की चपेट में आ गया था। रामपुर-रूद्रपुर-हल्द्वानी स्टेट हाइवे पर बेलबाला से टांडा तक सैकड़ों ऐसे स्थान हैं, जहां से अक्सर हाथी, बाघ, तेंदुआ, हिरन आदि गुजरते हैं। चोरगलिया- सितारगंज सड़क पर भी घने जंगलों से गुजर रही सड़क पर गति सीमा के साइनेज नहीं लगे हैं।

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हैरानी की बात तो यह है कि सड़क निर्माण एजेंसियों के स्पीड बोर्ड के आसपास ही वन विभाग के साइनेज भी लगे है कि धीरे चलें। हालांकि इन साइनेज पर 20 की स्पीड के लिए नहीं कहा गया है। मगर निर्धारित गति यही है। यूपी के बहराइच जिले में 20 की स्पीड के बोर्ड लगे भी हैं। रामपुर रोड पर जंगली हिस्से में स्पीड कम कराने के लिए वन विभाग कई बार ब्रिडकुल (ब्रिज रोपवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) व संबंधित अधिकारियों को भेज चुका है, मगर ध्यान नहीं दिया गया।

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पर्यावरणविद भी मानते हैं- कम हो वाहनों की गति
पर्यावरणविदों का कहना है कि आबादी वाले हिस्सों में कोई दुर्घटना न हो, इसके लिए 40 किमी प्रतिघंटा रफ्तार तय की गई है। जिस स्थान से वन्यजीव गुजरते हैं वहां 60 से 80 किमी प्रतिघंटा रफ्तार निर्धारित करना गलत है। क्योंकि मुनष्य तो समझदार होता है, वह गाड़ियों को देखकर ही सड़क पार करता है। वन्यजीव तो बिना देखे सड़क क्रास करते हैं। पर्यावरणविद भी कहते हैं कि जिन स्थानों पर अक्सर वन्यजीव गुजरते हैं वहां गति सीमा 20 किमी प्रतिघंटा होनी चाहिए। इतनी गति होने पर किसी भी वन्यजीव के अचानक सड़क पार करने पर उसे टक्कर लगने से बचाया जा सकता है। 

2017 से अब तक नौ हाथियों की मौत
बेलबाबा मंदिर, टांडा, संजयवन, लालकुंआ सड़क पर वर्ष 2017 से अब तक ट्रेनों से और सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से नौ हाथियों की मौत हो चुकी है।

ये उपाय भी हो सकते हैं
लीनियर इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत जंगली से गुजरने वाले हाईवे पर एलिवेटेड और अंडरपास बनाकर जानवरों को हादसे का शिकार होने से बचाया जा सकता है। उत्तराखंड में केवल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर ही एलिवेटेड रोड बनाई गई है। तब से हाथियों के हादसा का शिकार होना काफी कम हो गया है। यह एक्सप्रेस-वे राजाजी वन्यजीव विहार से गुजरता है, जो हाथियों के लिए काफी प्रसिद्ध है। वहीं रेलमार्गों की बात करें तो लीनियर इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत ही रेलवे लाइन किनारे सोलर फेंसिंग का प्रावधान है। फेंसिंग के जरिये हाथियों को पटरी पर आने से रोका जा सकता है और एक स्थान छोड़कर वहां से गुजरने दिया जा सकता है।

सजा और जुर्माने का है प्रावधान
अगर किसी तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने या अन्य मानवीय कारण से जंगली जानवर की मौत हो जाती है, तो सजा और जुर्माना का प्रावधान है। भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (1972) के अंतर्गत अनुसूची एक में बाघ, हाथी, तेंदुआ और अजगर शामिल हैं।

जिन स्थानों से वन्यजीव गुजरते हैं वहां वाहनों की अधिकतम रफ्तार 20 किमी प्रतिघंटा होनी चाहिए। समय-समय पर सड़क निर्माण एजेंसी को ऐसे स्थानों पर बैरियर लगाने, स्पीड ब्रेकर लगाने के लिए लिखा जाता है।


-धीरज पांडे, सीसीएफ हल्द्वानी।

किसी भी सड़क में वाहनों की रफ्तार कितनी होगी इसका निर्धारण ट्रांसपोर्ट, लोनिवि और पुलिस की संयुक्त टीम करती है। वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
-गुरुदेव सिंह, आरटीओ हल्द्वानी।
 

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