फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   five offices from Nainital were moved to Garhwal After formation of the uttarakhand state

Uttarakhand: राज्य बनने के बाद हमारे नैनीताल से पांच कार्यालय चले गए गढ़वाल, क्यों हो रहा है भेदभाव? जानें वजह

Fri, 10 May 2024 11:43 AM IST
हीरा मेहरा विजेंद्र श्रीवास्तव
विजेंद्र श्रीवास्तव Published by: हीरा मेहरा Updated Fri, 10 May 2024 11:43 AM IST
सार

नैनीताल जिले से कार्यालयों के शिफ्ट होने का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। वर्तमान में सीएम से लेकर नेता प्रतिपक्ष तक कुमाऊं से हैं फिर भी न्यायिक संस्था को यहां से बाहर भेजकर यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है, यह सवाल लोगों के जेहन में है।
 

विज्ञापन
five offices from Nainital were moved to Garhwal After formation of the uttarakhand state
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल जिले से कार्यालयों के शिफ्ट होने का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। बीते वर्षों में एक के बाद एक कार्यालय जनपद से देहरादून भेज दिए गए। इनमें परिवहन आयुक्त से लेकर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक कार्यालय तक शामिल हैं। वर्तमान में सीएम से लेकर नेता प्रतिपक्ष तक कुमाऊं से हैं फिर भी न्यायिक संस्था को यहां से बाहर भेजकर यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है, यह सवाल लोगों के जेहन में है।

विज्ञापन


राज्य बनने के बाद आरटीओ कार्यालय के भवन में परिवहन आयुक्त कार्यालय खुला था, उस वक्त ट्रांसपोर्ट कमिश्नर जियालाल थे। करीब डेढ़ साल तक परिवहन आयुक्त कार्यालय हल्द्वानी में चला, बाद में यह कार्यालय देहरादून शिफ्ट हो गया। इसी तरह वन विभाग के कई कार्यालय नैनीताल और हल्द्वानी में थे, जिन्हें एक के बाद एक कर देहरादून पहुंचा दिया गया। नैनीताल में मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक का कार्यालय होता था, जहां से वन्यजीव के संरक्षण, रेस्क्यू आपरेशन की अनुमति और दिशा- निर्देश देने का काम होता था।

विज्ञापन


ये पढ़ें- TOP NEWS: जवान की पत्नी फंदे से लटकी मिली, तो कहीं महिला ने नदी किनारे जन्मे जुड़वा बच्चे, पढ़ें बड़ी खबरें

विज्ञापन
विज्ञापन


करीब नौ साल पहले यह कार्यालय भी देहरादून शिफ्ट हो गया। हल्द्वानी में रामपुर रोड पर मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि नियंत्रण का कार्यालय होता था, जहां से प्रदेश में वनाग्नि नियंत्रण का कार्यक्रम संचालित होता था। यह कार्यालय भी देहरादून शिफ्ट हो गया। इसी भवन में मुख्य वन संरक्षक पर्यावरण का कार्यालय था जिसे बाद में देहरादून शिफ्ट कर दिया गया। प्रमुख वन संरक्षक वन पंचायत का कार्यालय, हल्द्वानी में है, पर इसका भी कैंप कार्यालय देहरादून के मुख्यालय में खोला गया है। इसका भवन और बदहाली उपेक्षा को बया कर रहा है। हल्द्वानी में श्रम निदेशालय है, यहां परउत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का दफ्तर था, जिसे करीब पांच साल पहले देहरादून शिफ्ट कर दिया गया था। 

वरिष्ठ अधिवक्ता मो. यूसुफ कहते हैं कि हल्द्वानी में रेल, हेली, वाहनों से आवागमन की बेहतर सुविधा है। ऐसे में जिस भावना के साथ का कार्यालयों को खोला गया था, उनको शिफ्ट करना ठीक नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed