14 हाईड्रेंट के सहारे दमकल: हल्द्वानी बाजार में 21 तंग गलियां, छोटे वाहन तक नहीं जा पाएंगे आग बुझाने; खुली पोल
हल्द्वानी बाजार व्यवस्थित नहीं है। मटर गली से मंगलपड़ाव तक 21 ऐसी गलियां हैं। यहां फायर टेंडर तो दूर, आग बुझाने के संसाधनों से लैस मोटर साइकिल तक नहीं पहुंच सकती।
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हल्द्वानी शहर का मुख्य बाजार अतिसंवेदनशील बन गया है। यहां 21 ऐसी गलियां हैं, जिनमें अगर दिन में आग लगी तो वह कई सौ दुकानों में फैल सकती है। साथ ही बड़ी जनहानि तक हो सकती है। कारण यह है कि इन संकरी गलियों में बड़े फायर टेंडर (दमकल वाहन) तो दूर पिकअप जितने बड़े फायर टेंडर तक नहीं पहुंच सकते हैं। वहीं प्रशासन, पुलिस और जल संस्थान अब भी मात्र 14 फायर हाईड्रेंट के सहारे चल रहा है और उन पर भी भरोसा नहीं किया जा सकता। रविवार रात ही इन हाईड्रेंट की पोल खुल गई।
हल्द्वानी शहर और बाजार व्यवस्थित नहीं है। सड़कों के किनारों पर दुकान वालों का अतिक्रमण है। दिन में यह अतिक्रमण आधी रोड तक पहुंच जाता है। मटर गली से मंगलपड़ाव तक 21 ऐसी गलियां हैं। यहां फायर टेंडर तो दूर, आग बुझाने के संसाधनों से लैस मोटर साइकिल तक नहीं पहुंच सकती। आग बुझाने का दूसरा सबसे बड़ा साधन फायर हाइड्रेंट होते हैं, मगर इनकी संख्या 14 तक सिमटकर रह गई है। जिला प्रशासन और शासन को दमकल विभाग कई बार प्रस्ताव भेजकर बजट मांग चुका है। लेकिन कुछ हुआ नहीं। बजट के अभाव में इनकी संख्या नहीं बढ़ रही है। अभी जो हाइड्रेंट हैं, उनकी हालत भी काफी खराब है। समय पर उनसे पानी मिल पाना कठिन कार्य है। इसका उदाहरण रविवार को हुई घटना है।
बाजार के साथ ही कॉलोनियों और कस्बों का हाल खराब
मुखानी, बनभूलपुरा, काठगोदाम, दुर्गा सिटी सेंटर, बरेली रोड से छोटे कस्बों को जोड़ने वाले रास्तों पर वाहनों को ले जाना नामुमकिन सा है। ऐसा ही हाल पीलीकोठी की कॉलोनियों और दमुवाढूंगा इलाके का है। वहां आठ-आठ फुट चौड़ी सड़कों पर दमकल के वाहनों का आपात स्थिति में पहुंचना मुश्किल है। मटर गली, बनभूलपुरा के तमाम ऐसी गलियां है जहां वाहन नहीं घुस सकते। ऐसी स्थिति में आग लगी तो हानि और नुकसान बड़ा हो सकता है।
काठगोदाम के इलाके भी संवेदनशील
काठगोदाम नरीमन चौराहे से दाएं व बाएं ओर, इंद्रानगर छोटी रोड, कारखाना बाजार, राजपुरा की अंदरूनी गलियों में बसे लोगों, नई बस्ती, चांदमारी डाक बंगले के पीछे, ब्योराखाम, गौला बैराज, बद्रीपुरा, प्रतापगढ़ी, देवलढूंगा, अंबेडकर नगर आगजनी के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं।
22 लाख रुपये की लागत से यातायात नगर में लगेगा फायर हाईड्रेंट
जिला प्रशासन ने दमकल को 22 लाख रुपये जारी किए हैं। इस बजट से यातायात नगर के बीच में फायर हाईड्रेंट लगाया जाएगा। यहां इसे लगाने से फायदा यह होगा कि ट्रांसपोर्टनगर के अलावा आसपास भी कहीं आग लगी तो इसका प्रयोग किया जा सकेगा। यातायात नगर के ओवरहेड टैंक से इसे सीधे जोड़ा जाएगा।
बाजार में नौ नए हाईड्रेंट के लिए मांगे थे 35 लाख, नहीं मिले
दमकल विभाग ने शहर में नौ हाईड्रेंट लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय से 35 लाख रुपये मांगे थे। लेकिन मुख्यालय ने अभी तक बजट जारी नहीं किया। एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने पैसे के लिए एक साल में ही तीन रिमाइंडर भेजे, इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया गया। बाजार क्षेत्र के लिए नौ हाईड्रेंट की आवश्यकता है।
चार साल में भी नहीं बने 25 हाईड्रेंट
शहर में हाईड्रेंट की कमी बड़े खतरे या हादसे को बुलवा दे रही है। रविवार को अगर हाईड्रेंट चलता तो सात व्यापारियों को इतना बड़ा नुकसान नहीं उठाना पड़ता। चार साल पहले 2019-20 में अग्निशमन कार्यालय ने शहर में 25 हाईड्रेंट की आवश्यकता बताते हुए प्रस्ताव शासन को भेजा था। तब से दमकल लगातार रिमाइंडर भेज रहा है। चार साल बीतने के बाद भी अभी तक बजट नहीं मिला है।
आग पर काबू पाने को हमारे पास पर्याप्त उपकरण हैं। जिन बड़े संस्थानों के पास एनओसी नहीं है, उन्हें हम नोटिस देते हैं। लेकिन वर्तमान में कोई एनओसी लंबित नहीं है। विभाग इन संस्थानों की जांच कर रहा है। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-एनएस कुंवर, प्रभारी सीएफओ।