अच्छी खबर: शूटिंग के कैमरे को पसंद आ रहा उत्तराखंड का फ्रेम, फिल्म उद्योग का कारोबार 150 करोड़ के पार पहुंचा
प्रदेश में फिल्म कारोबार का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। यह 150 करोड़ रुपये के पार पहुंचने के करीब है। राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में फिल्म शूटिंग के लिए अनुदान भी दिया जा रहा है।
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उत्तराखंड की बर्फीली चोटियां, हरे-भरे जंगल, कल-कल बहती नदियां और शांत झीलें फिल्म शूटिंग की पहली पसंद बन रही हैं। वादियों में जब लाइट्स...कैमरा... एक्शन के शब्द गूंजते हैं तो कैमरा नैसर्गिक सुंदरता को कैद कर लेता है। यही कारण है कि प्रदेश में फिल्म कारोबार का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। यह 150 करोड़ रुपये के पार पहुंचने के करीब है। राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में फिल्म शूटिंग के लिए अनुदान भी दिया जा रहा है। क्षेत्रीय फिल्मों के लिए 50 और हिंदी फिल्मों की शूटिंग करने पर 30 प्रतिशत तक अनुदान भी मिल रहा है।
यहां शूट हो रही अधिकतर फिल्में
लैंसडाउन, मसूरी, ऋषिकेश, रुद्रप्रयाग, मुक्तेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, हरिद्वार आदि जगहों पर फिल्मों के साथ ही वेब सीरीज की शूटिंग हो रही है। वर्तमान में अभी बार्डर2 सहित अन्य बड़ी फिल्में प्रदेश में शूट हो रही हैं। कुमाऊं में इन दिनों हेमंत पांडे दो फिल्मों की शूटिंग कर रहे हैं। इनमें एक शूटिंग अल्मोड़ा और दूसरी मुनस्यारी में चल रही है।
तीन साल में 23 फिल्मों को मिल चुका है अनुदान
2021 से 2024 तक तीन साल में 23 फिल्मों को अनुदान मिल चुका है। इनमें गढ़वाली में कन्यादान, खैरी का दिन, चक्रव्यूह और कुमाऊंनी में माटी की पहचान प्रमुख हैं। बीते एक साल में 14 कुमाऊंनी और गढ़वाली फिल्में रिलीज हुई हैं। 2024 में रिलीज हुई स्थानीय फिल्मों में 11 गढ़वाली, एक जौनसारी और दो कुमाऊंनी फिल्में शामिल हैं।
क्या कहती है 2024 की फिल्म नीति
2024 की फिल्म नीति के अनुसार उत्तराखंड में कुमाऊंनी और गढ़वाली फिल्म बनाने पर 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलता है। राज्य में शूट होने वाली बाल फिल्मों को अतिरिक्त 10 प्रतिशत तक ग्रांट मिली है। विदेशी फिल्मों और 50 करोड़ से अधिक बजट वाली फिल्मों पर 30 प्रतिशत, ओटीटी व वेब सीरीज पर न्यूनतम पांच एपिसोड और प्रत्येक एपिसोड 30 मिनट के लिए 30 प्रतिशत तक अनुदान शामिल है। पर्वतीय क्षेत्र में नई लोकेशन पर शूट करने पर पांच प्रतिशत अतिरिक्त ग्रांट मिलेगी। फिल्मों में स्थानीय कलाकार, तकनीशियन को शामिल करने पर अनुदान 10 लाख रुपये तक अनुदान मिलता है।
कलाकारों की कमी नहीं, निवेश के लिए आगे आएं उद्योगपति : हेमंत पांडे
हांटेक -2 और वेलकम टू द जंगल बालीवुड फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त अभिनेता हेमंत पांडे ने बताया कि उत्तराखंड में कलाकारों की कमी नहीं है, कुमाऊं में फिल्मों में इन्वेस्ट करने वाले अभी कम हैं। हम चाहते हैं कि कुमाऊं के उद्योगपति फिल्म उद्योग में आगे आएं। सरकार 50 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है। यहां टनकपुर से लेकर आदि कैलाश तक शूटिंग की काफी संभावनाएं हैं।
प्रदेश में फिल्म उद्योग का कारोबार 150 करोड़ के पार पहुंच चुका है। सरकार फिल्म पाठ्यक्रम को बढ़ावा देने और फिल्म व्यावसायिक शिक्षा के सृजन के लिए राज्य में नए फिल्म और कंटेंट प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना करने पर 50 लाख रुपये तक अनुदान दे रही है। प्रतिभावान छात्रों को फिल्म संस्थान पुणे, एसआरएफटीआई कोलकाता आदि मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों की छात्रवृत्ति दी जाएगी। - नितिन उपाध्याय, संयुक्त निदेशक उत्तराखंड फिल्म डवलप काउंसिल।