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जहां से हार मिली वहां से लड़ते हरीश तो सम्मान बढ़ता : बहुगुणा
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हल्द्वानी। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय बहुगुणा ने शनिवार को पूर्व सीएम हरीश रावत और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर सियासी तीर चलाए। उन्होंने कहा कि हरीश रावत की इस बार भी हार तय है। लालकुआं हरीश रावत के लिए राजनीतिक मौत का कुआं साबित होगा। हरक को निष्कासित करने का पार्टी ने जो फैसला लिया वह उसके साथ हैं। यह चुनाव व्यक्तियों का नहीं बल्कि दलों का है।
भाजपा कुमाऊं संभाग कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बहुगुणा ने कहा कि हरीश रावत का लालकुआं से लड़ने का निर्णय गलत है। उन्हें वहां से चुनाव लड़ना चाहिए था जहां से हार मिली थी। इससे उनका सम्मान बढ़ता। वह अपने लिए सुरक्षित जगह तलाश रहे थे और उसे ढूंढते-ढूंढते रामनगर से लालकुआं पहुंच गए हैं। आने वाले समय में देखेंगे कि उन्हें वहां भी हार का सामना करना पड़ेगा।
पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को भाजपा से निष्कासित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनसे 25 साल से राजनीतिक संबंध रहे हैं। वह खुद ही असमंजस में हैं कि जो हल्द्वानी में मोदी-मोदी कह रहे थे, दो सप्ताह में ऐसा क्या हो गया है कि वह हरीश रावत से माफी मांगने को तैयार हो गए। उन्होंने ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न कर दीं कि पार्टी के पास उन्हें हटाने के सिवाय कोई विकल्प नहीं था।
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भाजपा कुमाऊं संभाग कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बहुगुणा ने कहा कि हरीश रावत का लालकुआं से लड़ने का निर्णय गलत है। उन्हें वहां से चुनाव लड़ना चाहिए था जहां से हार मिली थी। इससे उनका सम्मान बढ़ता। वह अपने लिए सुरक्षित जगह तलाश रहे थे और उसे ढूंढते-ढूंढते रामनगर से लालकुआं पहुंच गए हैं। आने वाले समय में देखेंगे कि उन्हें वहां भी हार का सामना करना पड़ेगा।
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पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को भाजपा से निष्कासित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनसे 25 साल से राजनीतिक संबंध रहे हैं। वह खुद ही असमंजस में हैं कि जो हल्द्वानी में मोदी-मोदी कह रहे थे, दो सप्ताह में ऐसा क्या हो गया है कि वह हरीश रावत से माफी मांगने को तैयार हो गए। उन्होंने ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न कर दीं कि पार्टी के पास उन्हें हटाने के सिवाय कोई विकल्प नहीं था।
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