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अस्पताल नहीं हटाया तो डीआरडीओ से लिया जाएगा शुल्क
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हल्द्वानी। बीसी जोशी कोविड केयर अस्पताल अभी पूरी तरह से हटाया नहीं गया है। इस वजह से मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने डीआरडीओ को नोटिस भेजा है। चेतावनी दी गई है कि यदि परिसर से अस्पताल नहीं हटाया गया तो शुल्क भी वसूला जाएगा।
कोविड की दूसरी लहर के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में डीआरडीओ ने अस्थायी कोविड अस्पताल बनाया था। हालांकि इस अस्पताल का उद्घाटन तब हुआ था जब कोविड की दूसरी लहर का असर काफी कम हो गया था। कोविड की तीसरी लहर के दौरान अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या कम रहने की वजह से इस अस्पताल का ज्यादा इस्तेमाल नहीं हो पाया।
इसके बाद शासन ने बीसी जोशी कोविड केयर अस्पताल को हटाने का निर्णय लिया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी इसके लिए हामी भर दी। इसके बाद अस्पताल को हटाने का काम शुरू हो गया। धीरे-धीरे काफी सामान हटा लिया गया लेकिन अभी भी मुख्य ढांचा बचा हुआ है। अस्थायी अस्पताल निर्माण के दौरान जिस जगह पर मरीजों को भर्ती करने के लिए मुख्य स्थान बनाया गया था उसे भी अभी नहीं हटाया गया है।
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इधर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस अस्पताल को हटाने के लिए डीआरडीओ से कई बार कहा है लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अब डीआरडीओ को नोटिस भेजा है कि जल्द इसे हटा लिया जाए नहीं तो इसका चार्ज वसूला जाएगा।
विकास कार्यों में हो रही है दिक्कत
हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज का तर्क है कि डीआरडीओ के अस्थायी अस्पताल में अब कोई स्वास्थ्य सेवा संचालित नहीं की जा रही है। हालांकि इस अस्थायी अस्पताल की वजह से काफी जगह घिरी हुई है। इस वजह से अन्य काम रुके हुए हैं।
मेडिकल कॉलेज परिसर में बने बीसी जोशी कोविड केयर अस्पताल को हटाने के लिए डीआरडीओ को नोटिस दिया गया है। अगर ऐसा नहीं होता है तो उनसे चार्ज लिया जाएगा।
-डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी
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कोविड की दूसरी लहर के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में डीआरडीओ ने अस्थायी कोविड अस्पताल बनाया था। हालांकि इस अस्पताल का उद्घाटन तब हुआ था जब कोविड की दूसरी लहर का असर काफी कम हो गया था। कोविड की तीसरी लहर के दौरान अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या कम रहने की वजह से इस अस्पताल का ज्यादा इस्तेमाल नहीं हो पाया।
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इसके बाद शासन ने बीसी जोशी कोविड केयर अस्पताल को हटाने का निर्णय लिया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी इसके लिए हामी भर दी। इसके बाद अस्पताल को हटाने का काम शुरू हो गया। धीरे-धीरे काफी सामान हटा लिया गया लेकिन अभी भी मुख्य ढांचा बचा हुआ है। अस्थायी अस्पताल निर्माण के दौरान जिस जगह पर मरीजों को भर्ती करने के लिए मुख्य स्थान बनाया गया था उसे भी अभी नहीं हटाया गया है।
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इधर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस अस्पताल को हटाने के लिए डीआरडीओ से कई बार कहा है लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अब डीआरडीओ को नोटिस भेजा है कि जल्द इसे हटा लिया जाए नहीं तो इसका चार्ज वसूला जाएगा।
विकास कार्यों में हो रही है दिक्कत
हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज का तर्क है कि डीआरडीओ के अस्थायी अस्पताल में अब कोई स्वास्थ्य सेवा संचालित नहीं की जा रही है। हालांकि इस अस्थायी अस्पताल की वजह से काफी जगह घिरी हुई है। इस वजह से अन्य काम रुके हुए हैं।
मेडिकल कॉलेज परिसर में बने बीसी जोशी कोविड केयर अस्पताल को हटाने के लिए डीआरडीओ को नोटिस दिया गया है। अगर ऐसा नहीं होता है तो उनसे चार्ज लिया जाएगा।
-डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी