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Nainital News: गिरती कमाई निकाल रही दम, रोडवेज के बेड़े में बसें भी कम
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हल्द्वानी रोडवेज स्टेशन में बसों में बैठने के लिए जाते यात्री। अमर उजाला
हल्द्वानी। परिवहन निगम का हल्द्वानी डिपो बसों की घटती संख्या से बेहाल है। इसका असर यात्री संख्या पर पड़ रहा है। पिछले साल तक निगम के पास 66 बसें थीं जो घटकर महज 57 रह गई हैं। लगातार बसों की संख्या घटने के कारण यात्रियों का रोडवेज से मोहभंग होने लगा है। पिछले कुछ दिनों में लगातार होने वाला घाटा इसका प्रमाण है।
रोडवेज निगम की आय अब सीजन तक ही सिमटकर रह गई है। आम दिनों में यात्रियों का संकट बन गया है। इसका प्रमुख कारण बसों का रास्ते में दगा देना है। हर माह निगम की आठ से दस बसें रास्ते में खराब हो रही है। वर्कशॉप में स्पेयर पार्ट्स की कमी की वजह से बसों को जैसे तैसे चलाया जा रहा है। नई बसों के न मिलने की वजह से दिक्कत बढ़ी है। तीन माह पहले आठ बसें नीलाम हुई तो केवल दो बसें ही निगम को मिल पाई हैं।
आय में दो लाख की गिरावट
पिछले सप्ताह रोडवेज को बीते वर्ष के मुकाबले हर दिन दो लाख रुपये की कम आमदनी हुई। पिछले साल जहां आय 14 से 15 लाख प्रतिदिन का था वहीं यात्री न मिलने से यह 12 से 13 लाख हो गया है।
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ऑनलाइन साइट खींच रहे सवारी
रोडवेज बसों को यात्री नहीं मिल रहे और स्टेशन के गेट से टैक्सी वाले सवारी भर ले जा रहे हैं। कई लोग ब्ला-ब्ला एप के जरिये भी यात्रा करना पसंद कर रहा है जिसमें उन्हें घर से उठाने से लेकर गंतव्य तक छोड़ने की सुविधा मिल रही है। निजी बसें भी अपनी सहूलियतों के कारण लोगों की पसंद बन रही हैं।
अवकाश का मिला फायदा, निगम की बसों को मिले यात्री
23 जनवरी वसंत पंचमी का अवकाश है। 24 को शनिवार है इसके बाद रविवार और फिर 26 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश होने से सैलानियों का कुमाऊं की ओर रुख बढ़ा है। ऐसे में रोडवेज की बसों को दिल्ली में ज्यादा सवारी मिल रही है। बृहस्पतिवार को रोडवेज ने 22 तो शुक्रवार को 25 बसें दिल्ली भेज दी। वहां से बस भरकर आ रही है।
बसों की संख्या कम हुई है। नई बसों की डिमांड की गई है। दो नई बसें मिली भी हैं। कभी कभी यात्रियों की कमी भी देखने को मिल रही है।
- संजय पांडे, एआरएम हल्द्वानी डिपो
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रोडवेज निगम की आय अब सीजन तक ही सिमटकर रह गई है। आम दिनों में यात्रियों का संकट बन गया है। इसका प्रमुख कारण बसों का रास्ते में दगा देना है। हर माह निगम की आठ से दस बसें रास्ते में खराब हो रही है। वर्कशॉप में स्पेयर पार्ट्स की कमी की वजह से बसों को जैसे तैसे चलाया जा रहा है। नई बसों के न मिलने की वजह से दिक्कत बढ़ी है। तीन माह पहले आठ बसें नीलाम हुई तो केवल दो बसें ही निगम को मिल पाई हैं।
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आय में दो लाख की गिरावट
पिछले सप्ताह रोडवेज को बीते वर्ष के मुकाबले हर दिन दो लाख रुपये की कम आमदनी हुई। पिछले साल जहां आय 14 से 15 लाख प्रतिदिन का था वहीं यात्री न मिलने से यह 12 से 13 लाख हो गया है।
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ऑनलाइन साइट खींच रहे सवारी
रोडवेज बसों को यात्री नहीं मिल रहे और स्टेशन के गेट से टैक्सी वाले सवारी भर ले जा रहे हैं। कई लोग ब्ला-ब्ला एप के जरिये भी यात्रा करना पसंद कर रहा है जिसमें उन्हें घर से उठाने से लेकर गंतव्य तक छोड़ने की सुविधा मिल रही है। निजी बसें भी अपनी सहूलियतों के कारण लोगों की पसंद बन रही हैं।
अवकाश का मिला फायदा, निगम की बसों को मिले यात्री
23 जनवरी वसंत पंचमी का अवकाश है। 24 को शनिवार है इसके बाद रविवार और फिर 26 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश होने से सैलानियों का कुमाऊं की ओर रुख बढ़ा है। ऐसे में रोडवेज की बसों को दिल्ली में ज्यादा सवारी मिल रही है। बृहस्पतिवार को रोडवेज ने 22 तो शुक्रवार को 25 बसें दिल्ली भेज दी। वहां से बस भरकर आ रही है।
बसों की संख्या कम हुई है। नई बसों की डिमांड की गई है। दो नई बसें मिली भी हैं। कभी कभी यात्रियों की कमी भी देखने को मिल रही है।
- संजय पांडे, एआरएम हल्द्वानी डिपो