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सेना भर्ती में लगा दिए फर्जी स्थायी और जाति प्रमाण पत्र
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रामनगर (नैनीताल)। सेना भर्ती में फर्जी स्थायी और जाति प्रमाण पत्र लगाने का मामला सामने आया है। सेना भर्ती कार्यालय से चार युवाओं के दस्तावेज सत्यापन कराने में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। रामनगर तहसीलदार ने मामले की रिपोर्ट बनाकर थल सेना भर्ती कार्यालय अल्मोड़ा भेज दी है।
चार युवाओं ने अपना स्थायी और जाति प्रमाण पत्र सेना भर्ती में लगाया था। चारों ने खुद को रामनगर निवासी और जाति कुमाऊंनी राजपूत दर्शाया है। इन युवाओं के प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए थल सेना भर्ती कार्यालय अल्मोड़ा ने रामनगर तहसील में 10 अक्तूबर 2020 को भेजे। सत्यापन के दौरान प्रमाण पत्रों की जांच की गई तो वह फर्जी निकले। चारों ने फर्जी जाति और स्थायी प्रमाण पत्र बनाया था। ऐसे में तहसीलदार ने 19 अक्तूबर 2020 को थल सेना भर्ती कार्यालय अल्मोड़ा को पत्र भेजकर मामले की जानकारी दी। बताया कि ये प्रमाण पत्र उनकी तहसील से नहीं बने हैं। उत्तराखंड में इस प्रारूप में जाति और स्थायी प्रमाण पत्र नहीं बनते हैं। चारों के प्रमाण पत्र पूरी तरह से फर्जी हैं। संवाद
इनके दस्तावेज आए सत्यापन को
-फूल सिंह पुत्र जयवीर सिंह निवासी मोहल्ला पंजाबी कॉलोनी रामनगर
- उमेश कुमार पुत्र महेश चंद्र निवासी मोहल्ला लक्ष्मी नारायण कॉलोनी रामनगर
- बृजेश कुमार पुत्र दुर्गपाल सिंह निवासी मोहल्ला गायत्री विहार रामनगर
- उत्तम कुमार पुत्र जसमंत सिंह निवासी ग्राम त्रिमुधारा रामनगर
ऐसे करते हैं खेल
सूत्रों की मानें तो तहसील में फर्जी स्थायी-जाति प्रमाण पत्र बनाने वाला गिरोह सक्रिय है। गिरोह प्रमाण पत्रों का प्रारूप डाउनलोड करके फर्जी दस्तावेज बनाते हैं। दूसरे जिलों और राज्यों में रहने वाले लोग इन गिरोह से अपने प्रमाण पत्र बना लेते हैं।
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रामनगर तहसील के नाम पर फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आया है। प्रकरण की जांच चल रही है और पता लगाया जा रहा है कि फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले युवक कहां के हैं। दोषी मिलने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
-विजयनाथ शुक्ल, एसडीएम रामनगर
प्रमाण पत्रों का सत्यापन भर्ती होने से पहले भी कराया जाता है। यदि इन चार युवकों का सत्यापन भर्ती से पहले या बाद में हुआ होगा तो इन्हें निकाल दिया गया होगा। इनके संबंध में रानीखेत सेंट्रल ऑफिस को सही जानकारी होगी।
-कर्नल बीएस छिक्कारा, भर्ती निदेशक एआरओ अल्मोड़ा
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चार युवाओं ने अपना स्थायी और जाति प्रमाण पत्र सेना भर्ती में लगाया था। चारों ने खुद को रामनगर निवासी और जाति कुमाऊंनी राजपूत दर्शाया है। इन युवाओं के प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए थल सेना भर्ती कार्यालय अल्मोड़ा ने रामनगर तहसील में 10 अक्तूबर 2020 को भेजे। सत्यापन के दौरान प्रमाण पत्रों की जांच की गई तो वह फर्जी निकले। चारों ने फर्जी जाति और स्थायी प्रमाण पत्र बनाया था। ऐसे में तहसीलदार ने 19 अक्तूबर 2020 को थल सेना भर्ती कार्यालय अल्मोड़ा को पत्र भेजकर मामले की जानकारी दी। बताया कि ये प्रमाण पत्र उनकी तहसील से नहीं बने हैं। उत्तराखंड में इस प्रारूप में जाति और स्थायी प्रमाण पत्र नहीं बनते हैं। चारों के प्रमाण पत्र पूरी तरह से फर्जी हैं। संवाद
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इनके दस्तावेज आए सत्यापन को
-फूल सिंह पुत्र जयवीर सिंह निवासी मोहल्ला पंजाबी कॉलोनी रामनगर
- उमेश कुमार पुत्र महेश चंद्र निवासी मोहल्ला लक्ष्मी नारायण कॉलोनी रामनगर
- बृजेश कुमार पुत्र दुर्गपाल सिंह निवासी मोहल्ला गायत्री विहार रामनगर
- उत्तम कुमार पुत्र जसमंत सिंह निवासी ग्राम त्रिमुधारा रामनगर
ऐसे करते हैं खेल
सूत्रों की मानें तो तहसील में फर्जी स्थायी-जाति प्रमाण पत्र बनाने वाला गिरोह सक्रिय है। गिरोह प्रमाण पत्रों का प्रारूप डाउनलोड करके फर्जी दस्तावेज बनाते हैं। दूसरे जिलों और राज्यों में रहने वाले लोग इन गिरोह से अपने प्रमाण पत्र बना लेते हैं।
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रामनगर तहसील के नाम पर फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आया है। प्रकरण की जांच चल रही है और पता लगाया जा रहा है कि फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले युवक कहां के हैं। दोषी मिलने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
-विजयनाथ शुक्ल, एसडीएम रामनगर
प्रमाण पत्रों का सत्यापन भर्ती होने से पहले भी कराया जाता है। यदि इन चार युवकों का सत्यापन भर्ती से पहले या बाद में हुआ होगा तो इन्हें निकाल दिया गया होगा। इनके संबंध में रानीखेत सेंट्रल ऑफिस को सही जानकारी होगी।
-कर्नल बीएस छिक्कारा, भर्ती निदेशक एआरओ अल्मोड़ा