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Nainital News: उद्गम स्थल को संरक्षित कर ही बच सकेगा शिप्रा नदी का अस्तित्व

Thu, 27 Mar 2025 02:09 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Thu, 27 Mar 2025 02:09 AM IST
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existence. Shipra river. saved. protecting. source.
भवाली (नैनीताल)। शिप्रा नदी का अस्तित्व बचाने के लिए स्थानीय लोग उसके उद्गम स्थल श्यामखेत का संरक्षण जरूरी मानते हैं। वहीं से ज्यादा पानी मिलने से ही नदी का जलस्तर बढ़ सकेगा। इस कार्य में सरकार और प्रशासन लोगों की मदद लेकर काम करेगा, तभी कुछ संभावना है।
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भवाली के स्थानीय लोगों ने कहा कि अमर उजाला की मुहिम से जुड़कर शिप्रा नदी को संरक्षित करने के लिए नगरवासियों को भी आगे आना चाहिए। ताकि भवाली से कैंची धाम होते हुए गरमपानी और खैरना तक बहने वाली इस नदी में छल छल की आवाज लगातार सुनाई दे सके। लोगों की इन भावनाओं से जनप्रतिनिधि पर सहमति जताते हैं। वे इस मुहिम में हर वक्त और हर तरीके से साथ देने को तैयार हैं।
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पूर्व में ग्राम प्रधान रहते हुए मैंने शिप्रा नदी के वजूद को बनाए रखने के लिए काम किए। वर्तमान में श्यामखेत नगर पालिका में शामिल होने पर अब पालिका स्तर से भी नदी का संरक्षण करने और नदी को स्वच्छ करने के लिए महिलाओं और स्थानीय लोगों के साथ काम करेंगे। -संजय जोशी, सभासद
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शिप्रा नदी को बचाने के लिए अमर उजाला की अच्छी पहल है। इसके अस्तित्व के लिए ब्लॉक स्तर से भी हर संभव मदद की जाएगी। इसके लिए प्रशासन को गंभीरता से काम करना होगा। साथ ही स्थानीय लोगों को भी शिप्रा नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए जागरूकता दिखानी होगी। -डॉ. हरीश बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख, भीमताल


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शिप्रा नदी को पौराणिक नदी के रूप में जाना जाता है। इसका जलस्तर लगातार गिरना चिंता का विषय है। इस नदी को बचाने के लिए स्थानीय लोगों की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार और प्रशासन को शिप्रा नदी को दोबारा वास्तविक स्वरूप में लाने के लिए काम करना चाहिए। - संजीव भगत, पर्यटन कारोबारी


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शिप्रा नदी को स्वरूप लौटाने के लिए सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की ओर से सहयोग किया जाएगा। सैनिक स्कूल की पेयजल व्यवस्था भी शिप्रा नदी से जुड़ी हुई है। इसके लिए डीएम से भी वार्ता कर नदी के जलस्रोतों को दोबारा संरक्षित करने के लिए विद्यालय भी काम करेगा। -विजय सिंह डंगवाल, ग्रुप कैप्टन प्रधानाचार्य


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नगर पालिका की ओर से शिप्रा नदी की सफाई की जाती रही हैं। कैंची क्षेत्र में शिप्रा नदी में सीवर छोड़ने वालों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कार्रवाई के नोटिस भेजे गए थे। साथ ही पुलिस और पटवारियों को शिप्रा नदी में सीवर छोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। ताकि शिप्रा को प्रदूषित होने से बचाए जा सके। -वीसी पंत एसडीएम, श्री कैंची धाम तहसील
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