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गाड़ी पड़ाव में शराब की दुकान खुलने पर प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल
Updated Mon, 10 Apr 2017 01:17 AM IST
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Women protesting against alcohol in Nainital
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नगर के मल्लीताल क्षेत्र के गाड़ी पड़ाव स्थित बंद शराब की दुकान के रविवार को खुलने की भनक क्षेत्रीय महिलाओं को लगते ही वह नारेबाजी करते हुए दुकान के सामने प्रदर्शन करने लगीं। इस दौरान आक्रोशित महिलाओं ने खुली शराब की दुकान को बंद करा दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। महिलाओं की मल्लीताल के कोतवाल समेत अन्य पुलिस कर्मियों के साथ तीखी नोक-झोक भी हुई।
बता दें कि गाड़ी पड़ाव से शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को भी महिलाओं ने प्रदर्शन किया था। रविवार को फिर जैसे ही महिलाओं को पता चला कि शराब की दुकान खुल गई है तो वह दोपहर करीब 12.30 बजे नारेबाजी करते हुए दुकान के समक्ष धमक गई। बाद में उन्होंने नारेबाजी करते हुए दुकान को बंद करा दिया। आक्रोशित महिलाओं का आरोप था कि गाड़ी पड़ाव में शराब की दुकान खुलने से उनका इस मार्ग से गुजरना मुश्किल हो गया है। यहां पर गालीगलौज होने से वातावरण खराब रहता है। कई शराबी दिनभर बाजार में पड़े रहते हैं। कहा कि कुछ ही दूरी पर मस्जिद, मंदिर तथा गुरुद्वारा है ऐसी दशा में यहां पर शराब की दुकान का होना किसी भी सूरत में ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि वह यहां से शीघ्र शराब की दुकान को हटाकर अन्य स्थान पर खोले। दुकान खुलने से छोटे-छोटे बच्चे भी प्रभावित हो रहे हैं। आरोप लगाया कि पुलिस की शह पर गाड़ी पड़ाव क्षेत्र में अवैध शराब का व्यापार भी धड़ल्ले से फल फूल रहा है। इस दौरान आक्रोशित महिलाओं ने शराब नहीं रोजगार चाहिए, जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित लोगों की कोतवाल अरुण कुमार के साथ तीखी नोक-झोक हुई, कोतवाल ने उन्हें काफी समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। प्रदर्शन करने वालों में मनोज बेदी, दीपा, मुन्नी, कमला, गुड़िया, शांति, आशा, दलीप, पंकज भट्ट, भूपाल कार्की, पवन कन्याल, करन दनाई आदि थे। महिलाओं के जाने के बाद शाम को शराब की दुकान फिर खुल गई।
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बता दें कि गाड़ी पड़ाव से शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को भी महिलाओं ने प्रदर्शन किया था। रविवार को फिर जैसे ही महिलाओं को पता चला कि शराब की दुकान खुल गई है तो वह दोपहर करीब 12.30 बजे नारेबाजी करते हुए दुकान के समक्ष धमक गई। बाद में उन्होंने नारेबाजी करते हुए दुकान को बंद करा दिया। आक्रोशित महिलाओं का आरोप था कि गाड़ी पड़ाव में शराब की दुकान खुलने से उनका इस मार्ग से गुजरना मुश्किल हो गया है। यहां पर गालीगलौज होने से वातावरण खराब रहता है। कई शराबी दिनभर बाजार में पड़े रहते हैं। कहा कि कुछ ही दूरी पर मस्जिद, मंदिर तथा गुरुद्वारा है ऐसी दशा में यहां पर शराब की दुकान का होना किसी भी सूरत में ठीक नहीं है।
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उन्होंने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि वह यहां से शीघ्र शराब की दुकान को हटाकर अन्य स्थान पर खोले। दुकान खुलने से छोटे-छोटे बच्चे भी प्रभावित हो रहे हैं। आरोप लगाया कि पुलिस की शह पर गाड़ी पड़ाव क्षेत्र में अवैध शराब का व्यापार भी धड़ल्ले से फल फूल रहा है। इस दौरान आक्रोशित महिलाओं ने शराब नहीं रोजगार चाहिए, जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित लोगों की कोतवाल अरुण कुमार के साथ तीखी नोक-झोक हुई, कोतवाल ने उन्हें काफी समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। प्रदर्शन करने वालों में मनोज बेदी, दीपा, मुन्नी, कमला, गुड़िया, शांति, आशा, दलीप, पंकज भट्ट, भूपाल कार्की, पवन कन्याल, करन दनाई आदि थे। महिलाओं के जाने के बाद शाम को शराब की दुकान फिर खुल गई।
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