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नेताओं में खींचतान, क्रेट से वंचित रहे 15 हजार किसान

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jun 2022 01:39 AM IST
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ension among leaders, 15 thousand farmers deprived of crates
हल्द्वानी। नेताओं की आपसी खींचतान के कारण पर्वतीय क्षेत्र के 15 हजार किसानों को प्लास्टिक क्रेट नहीं मिल सके। मंडी समिति ने भी अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए जिला खनिज फाउंडेशन न्यास से क्रेट के लिए मिली 23.89 लाख रुपये की राशि सरेंडर कर दी।
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हल्द्वानी मंडी समिति के तत्कालीन अध्यक्ष ने पर्वतीय क्षेत्र से फल-सब्जियों को हल्द्वानी मंडी तक लाने के लिए किसानों को प्लास्टिक क्रेट देने की योजना बनाई थी। इसके लिए बाकायदा जिला खनिज फाउंडेशन न्यास से 47.79 लाख रुपये भी स्वीकृत कराया था। इस बजट से 30 हजार प्लास्टिक क्रेट बांटी जानी थी। मंडी समिति हल्द्वानी को जिला खनिज फाउंडेशन न्यास से अगस्त 2021 में 1500 प्लास्टिक क्रेट के लिए पहली किस्त के रूप में 23.89 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। मंडी समिति को क्रेट खरीदने के लिए या तो टेंडर करने थे या सरकारी ई-बाजार (गवर्नमेंट ई मार्केट प्लेस, अर्थात जेम पोर्टल) के माध्यम से इनकी खरीदारी करनी थी। मंडी समिति का जेम में रजिस्ट्रेशन नहीं था। इस कारण मंडी समिति जेम से खरीदारी नहीं कर पाई।
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इसी बीच मंडी समिति के तत्कालीन अध्यक्ष ने अपना पद छोड़ दिया। सूत्रों की मानें तो मंडी समिति अध्यक्ष जिस क्षेत्र में क्रेट बंटवाना चाहते थे उससे एक विधायक सहमत नहीं थे और इन्हें दूसरे क्षेत्र में बंटवाने की जुगत में थे। इस खींचतान में इसके टेंडर नहीं हो पाए। इसके बाद मंडी ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। बाद में मंडी समिति में प्रशासक नियुक्त हो गया। जनवरी 2022 में आचार संहिता लग गई। बजट खर्च नहीं होेने के कारण जिला प्रशासन ने इसको वापस मांग लिया। मंडी समिति ने 23 फरवरी 2022 को अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए बजट को वापस कर दिया है।
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कोट-
मंडी समिति के संचालक मंडल का कार्यकाल 17 सितंबर-21 को समाप्त हो गया था। 24 दिसंबर तक अध्यक्ष प्रशासक का पद रिक्त रहा। मैंने 24 दिसंबर को कार्यकाल संभाला। मार्च से पहले बजट खर्च करना होता है। जनवरी में चुनाव आचार संहिता लग गई थी। इस कारण बजट खर्च नहीं किया जा सका और सरेंडर करना पड़ा।
-ऋचा सिंह, प्रशासक मंडी समिति हल्द्वानी।
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