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Nainital News: वन्यजीवों को बचाने के लिए रामनगर से मोहान तक बनेगा एलिवेटेड पुल
Fri, 16 Feb 2024 03:52 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Fri, 16 Feb 2024 03:52 AM IST
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रामनगर। वन्यजीवों को वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाने के लिए रामनगर से मोहान तक एलिवेटेड पुल बनने की कवायद शुरू हो गई है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, रामनगर वन प्रभाग के साथ एनएच के अधिकारियाें ने संयुक्त सर्वे किया। सर्वे के बाद एनएच अधिकारी जल्द ही प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेजेंगे।
नेशनल हाईवे 309 पर रामनगर से लेकर शंकरपुर तक 42 किमी को टू लेन बनाने की तैयारी चल रही है जिसे सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। इसे बनाने के लिए एनएच खंड को डीपीआर बनाने के लिए 52 लाख रुपये मिले हैं। हाईवे को लेकर एनएच के अधिकारियों ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और रामनगर वन प्रभाग के वन कर्मियों के साथ आमडंडा से लेकर मोहान तक पहला संयुक्त सर्वे 16 जनवरी और दूसरा संयुक्त सर्वे 29 जनवरी को किया था।
दोनों ही सर्वे के बाद वन विभाग ने वन्यजीव काॅरिडोर को देखते हुए एलिवेटेड पुल बनाने पर जोर दिया है। वन विभाग के मुताबिक एलिवेटेड पुल बनने से वन्यजीवों के वासस्थल से छेड़छाड़ नहीं होगी। इसके प्रस्ताव को एनएच की ओर से केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेजने की तैयारी की जा रही है।
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22 किमी लंबा होगा एलिवेटेड पुल
आमडंडा से लेकर मोहान तक 22 किमी लंबा एलिवेटेड पुल बनेगा। वन विभाग की ओर से आमडंडा से लेकर ढिकुली तक और गर्जिया पुलिस चौकी से मोहान तक पुल बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा ढिकुली, रिंगौड़ा, धनगढ़ी तक एलिवेटेड पुल से उतरने और चढ़ने के लिए सर्विस लेन बनाने को भी कहा गया है।
हाईवे पर 10 हजार वाहनों का दबाव
रामनगर से मोहान तक हाईवे पर दस हजार से अधिक वाहनों को दबाव है। इस मार्ग से गढ़वाल, अल्मोड़ा के सल्ट सहित अन्य पर्वतीय क्षेत्र के वाहन गुजरते हैं। वहीं स्थानीय लोग भी रामनगर इसी मार्ग से आते-जाते हैं। इसके बनने से दो मंडल और तीन जिलों की जनता का सफर आसान हो जाएगा।
एलिवेटेड पुल की मांग पीएम से हो चुकी
रामनगर के समाजसेवी हरीश चंद्र सती ने रामनगर से मोहान तक एलिवेटेड पुल बनाने की मांग को लेकर एक पत्र पीएमओ को 26 अक्तूबरअक्टूबर 2019 भेजा था। पीएमओ की ओर से उत्तराखंड के प्रमुख सचिव शासन को इस संबंध में कार्यवाही के लिए पत्र लिखा था। हालांकि इस मामले में अब तक कोई कार्यवाही गतिमान नहीं है।
अमित ग्वासीकोटी, वार्डन, कॉर्बेट पार्क ने बताया कि एलिवेटेड पुल बनने से वन्यजीवों का कॉरिडोर सुरक्षित हो जाएगा। आए दिन सड़क पर आने वाले वन्यजीव भी सुरक्षित रहेंगे। एलिवेटेड पुल बनने से काफी सुविधाएं भी होंगी।
अधीक्षण अभियंता, एनएच, अरुण पांडेय ने बताया कि वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने एलिवेटेड पुल बनाने का प्रस्ताव दिया है। संयुक्त सर्वे की रिपोर्ट पर एक प्रस्ताव बनाकर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेजा जाएगा।
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नेशनल हाईवे 309 पर रामनगर से लेकर शंकरपुर तक 42 किमी को टू लेन बनाने की तैयारी चल रही है जिसे सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। इसे बनाने के लिए एनएच खंड को डीपीआर बनाने के लिए 52 लाख रुपये मिले हैं। हाईवे को लेकर एनएच के अधिकारियों ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और रामनगर वन प्रभाग के वन कर्मियों के साथ आमडंडा से लेकर मोहान तक पहला संयुक्त सर्वे 16 जनवरी और दूसरा संयुक्त सर्वे 29 जनवरी को किया था।
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दोनों ही सर्वे के बाद वन विभाग ने वन्यजीव काॅरिडोर को देखते हुए एलिवेटेड पुल बनाने पर जोर दिया है। वन विभाग के मुताबिक एलिवेटेड पुल बनने से वन्यजीवों के वासस्थल से छेड़छाड़ नहीं होगी। इसके प्रस्ताव को एनएच की ओर से केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेजने की तैयारी की जा रही है।
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22 किमी लंबा होगा एलिवेटेड पुल
आमडंडा से लेकर मोहान तक 22 किमी लंबा एलिवेटेड पुल बनेगा। वन विभाग की ओर से आमडंडा से लेकर ढिकुली तक और गर्जिया पुलिस चौकी से मोहान तक पुल बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा ढिकुली, रिंगौड़ा, धनगढ़ी तक एलिवेटेड पुल से उतरने और चढ़ने के लिए सर्विस लेन बनाने को भी कहा गया है।
हाईवे पर 10 हजार वाहनों का दबाव
रामनगर से मोहान तक हाईवे पर दस हजार से अधिक वाहनों को दबाव है। इस मार्ग से गढ़वाल, अल्मोड़ा के सल्ट सहित अन्य पर्वतीय क्षेत्र के वाहन गुजरते हैं। वहीं स्थानीय लोग भी रामनगर इसी मार्ग से आते-जाते हैं। इसके बनने से दो मंडल और तीन जिलों की जनता का सफर आसान हो जाएगा।
एलिवेटेड पुल की मांग पीएम से हो चुकी
रामनगर के समाजसेवी हरीश चंद्र सती ने रामनगर से मोहान तक एलिवेटेड पुल बनाने की मांग को लेकर एक पत्र पीएमओ को 26 अक्तूबरअक्टूबर 2019 भेजा था। पीएमओ की ओर से उत्तराखंड के प्रमुख सचिव शासन को इस संबंध में कार्यवाही के लिए पत्र लिखा था। हालांकि इस मामले में अब तक कोई कार्यवाही गतिमान नहीं है।
अमित ग्वासीकोटी, वार्डन, कॉर्बेट पार्क ने बताया कि एलिवेटेड पुल बनने से वन्यजीवों का कॉरिडोर सुरक्षित हो जाएगा। आए दिन सड़क पर आने वाले वन्यजीव भी सुरक्षित रहेंगे। एलिवेटेड पुल बनने से काफी सुविधाएं भी होंगी।
अधीक्षण अभियंता, एनएच, अरुण पांडेय ने बताया कि वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने एलिवेटेड पुल बनाने का प्रस्ताव दिया है। संयुक्त सर्वे की रिपोर्ट पर एक प्रस्ताव बनाकर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को भेजा जाएगा।